
जबलपुर, 21 फरवरी। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के सिहोरा कस्बे में गुरुवार रात मंदिर में आरती और मस्जिद में तरावीह की नमाज के दौरान लाउडस्पीकर को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। पथराव और तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। अब तक 49 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
आजाद चौक बना तनाव का केंद्र
घटना सिहोरा के आजाद चौक क्षेत्र में हुई, जो दोनों समुदायों के धार्मिक स्थलों के कारण संवेदनशील माना जाता है। विवाद बढ़ने पर भीड़ ने पथराव किया और कुछ वाहनों में तोड़फोड़ की। स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख 12 थानों की पुलिस को मौके पर बुलाया गया। रात में ही पूरे इलाके की बैरिकेडिंग कर अनावश्यक आवाजाही रोक दी गई।
ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की। ड्रोन कैमरों से छतों और संवेदनशील इलाकों की निगरानी की जा रही है। हिरासत में लिए गए आरोपियों को बसों के माध्यम से शहर के विभिन्न थानों में भेजकर गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई। नाबालिगों और वृद्धों को चेतावनी देकर छोड़ा गया है।
जबलपुर के पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने कहा कि दोनों पक्षों की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि अफवाह फैलाने या माहौल बिगाड़ने वालों पर एनएसए जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विरोध और बंद का असर
घटना के विरोध में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने सिहोरा थाने का घेराव कर हनुमान चालीसा का पाठ किया। जुमे की नमाज पुलिस सुरक्षा के बीच संपन्न हुई। तनाव की आशंका के चलते व्यापारियों ने स्वेच्छा से बाजार बंद रखा।
हालात काबू में, पर सतर्कता जारी
प्रशासन का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में है और शेष शहर में जनजीवन सामान्य है। हालांकि संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस का पैदल फ्लैग मार्च जारी है और सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी प्रकार की अफवाह फैलने न पाए।
