Thursday, February 19

पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल की 56 संपत्तियां कुर्क, प्रशासन ने जारी किया आदेश

सहारनपुर: बसपा शासनकाल में एमएलसी रह चुके हाजी इकबाल की 56 संपत्तियों को गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क करने का आदेश जिलाधिकारी मनीष बंसल ने जारी किया है। प्रशासन के अनुसार इन संपत्तियों की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 2 अरब 76 करोड़ रुपये है। जिला मजिस्ट्रेट की अदालत के आदेश के बाद कुर्क संपत्तियों के प्रबंधन के लिए बेहट तहसीलदार को प्रशासक नियुक्त किया गया है। प्रशासन ने इन संपत्तियों को सरकारी कब्जे में लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

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गिरोह बनाकर अवैध कमाई का आरोप

जिलाधिकारी के आदेश में कहा गया है कि हाजी इकबाल उर्फ बाला ने अपने बेटों, रिश्तेदारों और सहयोगियों के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह बनाया। इस गिरोह पर खैर की लकड़ी की चोरी, अवैध खनन, सरकारी और गैर-सरकारी जमीनों पर कब्जा करने जैसे गंभीर आरोप हैं। प्रशासन का दावा है कि इन गतिविधियों के माध्यम से बड़ी मात्रा में अवैध संपत्ति अर्जित की गई। वर्ष 2022 में मिर्जापुर थाने में गिरोहबंदी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। हाजी इकबाल और उनके परिवार के सदस्यों पर अलग-अलग थानों में करीब 50 मुकदमे दर्ज हैं।

बेटों और सहयोगियों पर भी शिकंजा

प्रशासन के अनुसार हाजी इकबाल के बेटों मोहम्मद जावेद, मोहम्मद वाजिद, अलीशान और अफजल सहित अन्य सहयोगियों पर भी गिरोह बनाकर अवैध संपत्ति अर्जित करने के आरोप हैं। प्रशासनिक आदेश के बाद इन संपत्तियों को जब्त कर राजकीय नियंत्रण में लिया जा रहा है।

फरार चल रहे हैं हाजी इकबाल

प्रशासन का कहना है कि हाजी इकबाल लंबे समय से फरार हैं। उन पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है और पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है।

कोर्ट में दी जाएगी चुनौती

हाजी इकबाल के अधिवक्ताओं का कहना है कि यह आदेश उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के खिलाफ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस फैसले को उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी।

बीएसपी शासनकाल में सहारनपुर से एमएलसी रहे हाजी इकबाल के खिलाफ प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद कार्रवाई तेज हुई और कई आपराधिक मुकदमे दर्ज किए गए।

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