
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा में बुधवार को बजट सत्र 2026 के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी झड़प देखने को मिली। मत्स्य विभाग के मंत्री डॉ. संजय निषाद और सपा विधायकों के बीच हाथापाई की नौबत तक आ गई।
मंत्री संजय निषाद बजट पर बोल रहे थे और प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का जिक्र कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने विपक्ष—विशेषकर सपा और कांग्रेस—पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले 75 सालों में विपक्ष ने मछुआ समुदाय के लिए एक रुपया भी नहीं दिया। केंद्र सरकार ने पूरे देश में 67 साल में 3000 करोड़ रुपये दिए, लेकिन यूपी ने एक रुपया भी नहीं दिया।
संजय निषाद ने पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए अपने विभाग की उपलब्धियां गिनाईं। इसके बाद सामाजिक न्याय रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि पिछड़े वर्ग का आरक्षण सही तरीके से नहीं दिया गया और कुछ वर्गों ने आरक्षण पर कब्जा कर लिया।
इस बयान के विरोध में सपा सदस्य वेल में आ गए और मंत्री के हाथ से कागज छीन लिया। इससे सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच हाथापाई की स्थिति बन गई। संसदीय कार्य राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने इसे गंभीर मामला बताते हुए हस्तक्षेप की मांग की।
मंत्री ने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय को चेतावनी दी कि यदि वे सदन में जातिसूचक शब्दों के लिए माफी नहीं मांगते हैं, तो उनके खिलाफ SC-ST एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
विवाद बढ़ता देख विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों को शांत करवाया। उन्होंने निर्देश दिया कि सदन में चर्चा वैसे ही चले जैसे तय है।
