
गाजियाबाद: गाजियाबाद के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने अधिकारियों और विभागों के खराब प्रदर्शन पर कड़ा अल्टीमेटम जारी किया है। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड और राजस्व वसूली की समीक्षा बैठक में कई विभागों की प्रगति बेहद निराशाजनक पाई गई। डीएम ने स्पष्ट किया कि जिन विभागों की रैंक ‘सी’ और ‘डी’ होगी, उनके जिम्मेदार अधिकारियों का वेतन तब तक रोका जाएगा जब तक वे अपने निर्धारित लक्ष्य पूरे नहीं कर लेते। बैठक में अनुपस्थित अफसरों से भी जवाब मांगा गया।
कड़े तेवर और जवाबदेही
जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी काम में ढिलाई और जनता की शिकायतों के निपटारे में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने तहसीलदारों और एसडीएम को निर्देश दिए कि कोर्ट में लंबित मामलों का तुरंत निस्तारण किया जाए।
राजस्व वसूली में गिरावट पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने परिवहन, बिजली, वन और मंडी जैसे विभागों को विशेष अभियान चलाकर वसूली तेज करने के आदेश दिए। बैठक में अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर, एडीएम ई ज्योति मौर्य, एडीएम ने अंजुम बी, एडीएम अवनीश सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रदर्शन में आई गिरावट
जिलाधिकारी ने औद्योगिक विकास, आबकारी, आवास, कृषि, खाद्य एवं रसद, नगर विकास, परिवहन और राजस्व जैसे विभागों का प्रदर्शन उम्मीद से बहुत नीचे पाया। उन्होंने कहा कि केवल कागजों पर काम नहीं चलेगा, जमीनी स्तर पर परिणाम दिखना आवश्यक है।
तीनों तहसीलों के एसडीएम और तहसीलदारों को पुराने पेंडिंग मामलों का तत्काल निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने साफ कर दिया कि पेंडिंग कार्य प्राथमिकता पर होंगे और इसमें कोताही करने वालों पर सीधी कार्रवाई होगी।
