
नई दिल्ली: भारत और फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग नई ऊँचाई पर पहुंच गया है। मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की बैठक के दौरान दोनों देशों ने राफेल फाइटर जेट, पांचवीं पीढ़ी के जेट इंजन और हैमर मिसाइल के भारत में निर्माण पर सहमति जताई।
राफेल जेट में बढ़ेगी भारतीय हिस्सेदारी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फ्रांस की रक्षा मंत्री कैथरीन वॉट्रिन के साथ बातचीत में कहा कि 114 राफेल फाइटर जेट की डील में भारत में बने कंपोनेंट की हिस्सेदारी 50% तक बढ़ाई जाए। इसका मकसद भारत के मेक इन इंडिया प्रयासों को गति देना है।
पांचवीं पीढ़ी के जेट इंजन भारत में बनेगा
राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि फाइटर जेट के इंजन का उत्पादन और ओवरहॉलिंग भारत में हो, जिससे रक्षा उद्योग को स्थानीय तौर पर मजबूत किया जा सके। पीएम मोदी और मैक्रों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि हेलिकॉप्टर असेंबली लाइन और पांचवीं पीढ़ी के जेट इंजन निर्माण पर दोनों देशों का सहयोग आगे बढ़ेगा।
हैमर मिसाइल का उत्पादन भारत में
भारत और फ्रांस ने हैमर मिसाइल को भारत में बनाने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और फ्रांस की सफ्रान कंपनी एक संयुक्त उद्यम स्थापित करेंगे।
रक्षा अधिग्रहण परिषद की मंजूरी
रक्षा अधिग्रहण परिषद ने फ्रांस से 114 मल्टीरोल राफेल जेट खरीदने की हरी झंडी दे दी है। प्रधानमंत्री मोदी और मैक्रों की बैठक के बाद कीमतों और तकनीकी पहलुओं पर मंथन होगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद डील पर अंतिम हस्ताक्षर होंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह समझौता भारत के रक्षा उद्योग में स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने और रणनीतिक आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
