
पटना: पटना नीट छात्रा मौत मामले की जांच अब सीबीआई की निगरानी में तेज़ी से चल रही है। बिहार और झारखंड के लिए सीबीआई के ज्वॉइंट डायरेक्टर (IG) आईपीएस राजीव रंजन की लीडरशिप में टीम हर पहलू पर नजर रखते हुए मामले की तहकीकात कर रही है। जहानाबाद तक सबूत जुटाने के लिए सीबीआई सक्रिय है, और हाल ही में मृतक छात्रा के भाई का मोबाइल भी जब्त किया गया।
2005 बैच के IPS और बिहार के लाल
राजीव रंजन 2005 बैच के सिक्किम कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। मूल रूप से बिहार के रोहतास जिले के एमनडेरी गांव के रहने वाले राजीव के पिता स्वर्गीय मुरली प्रसाद शिक्षक थे। प्रारंभिक शिक्षा उन्होंने नोखा के सर्वोदय स्कूल से ली, इसके बाद आरा और पटना में अध्ययन किया। पटना कॉलेज ऑफ कॉमर्स से स्नातक करने के बाद उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा में सफलता प्राप्त कर आईपीएस बने।
अयोध्या-मथुरा सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी अभियानों का अनुभव
सीबीआई में शामिल होने से पहले राजीव रंजन ने सीआरपीएफ में लंबा समय सेवाएं दी। उन्होंने अयोध्या के श्रीराम मंदिर और मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि की सुरक्षा के लिए विशेष टीम का नेतृत्व किया। इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों में भी उनकी अहम भूमिका रही। नगरोटा के हीरानगर रेंज के डीआईजी रहते हुए उन्होंने कई सफल ऑपरेशन अंजाम दिए। साल 2025 में उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार और पुलिस मेडल से सम्मानित किया गया।
चारा घोटाला और IRCTC केस में निर्णायक भूमिका
राजीव रंजन का सीबीआई में यह दूसरा कार्यकाल है। पहले 2011 से 2018 तक उन्होंने एजेंसी में सेवाएं दी थीं। उनके नेतृत्व में कई बड़े मामलों की जांच हुई, जिनमें प्रमुख हैं:
-
चारा घोटाला: 950 करोड़ रुपये के इस बहुचर्चित घोटाले की जांच में निर्णायक भूमिका निभाई, जिसके चलते राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को सजा हुई।
-
IRCTC घोटाला: रेल मंत्री रहते हुए होटलों के ठेके के बदले जमीन लेने के मामले की जांच भी उनकी देखरेख में हुई, जिसमें लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव आरोपी थे।
-
एंटी करप्शन विशेषज्ञ: कोलकाता और भुवनेश्वर में सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) में एसपी के पद पर भी रह चुके हैं।
सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारी राजीव रंजन की तेज तर्रार कार्यशैली और गहन नजर ने हमेशा बड़े घोटालेबाजों में डर पैदा किया है। अब यह देखना होगा कि पटना नीट छात्रा मौत मामले में उनकी टीम कौन-कौन से सबूत उजागर करती है और जांच में कौन से नए मोड़ सामने आते हैं।
