
संभल: उत्तर प्रदेश के संभल में मुस्लिम समाज की किदवई बिरादरी ने शादियों में फिजूलखर्ची को रोकने के लिए पंचायत बुलाई। समाज ने छह फरमान जारी किए हैं, जिनका पालन सभी सदस्यों के लिए अनिवार्य होगा।
पंचायत के प्रमुख फैसले
शादी की केवल एक बार दावत होगी।
लड़का और लड़की शादी से पहले एक-दूसरे को अपना मोबाइल नंबर नहीं देंगे।
बारात दोपहर 3 से 4 बजे के बीच आएगी। देरी होने पर 5000 रुपये प्रतिघंटे जुर्माना लड़का पक्ष पर लगेगा।
शादी-बारात के मंडप में डीजे और भांगड़ा पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
लड़की पक्ष द्वारा दिए गए सामान को दिखाने के लिए सजावट नहीं की जाएगी।
नियम तोड़े जाने पर सजा
पंचायत ने स्पष्ट किया कि ये नियम तोड़ने वाले के खिलाफ बिरादरी के सदर द्वारा सजा और निर्णय लिया जाएगा। पंचायत का कहना है कि इन फैसलों का उद्देश्य सामाजिक कुरीतियों पर रोक लगाना और आर्थिक बोझ कम करना है।
समाज का मानना है कि इन नियमों से भविष्य की पीढ़ियों के लिए बेहतर सामाजिक माहौल तैयार होगा।
