Thursday, May 14

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चीन सीमा पर बसे उत्तराखंड के 91 गांव होंगे ‘वाइब्रेट विलेज’ के तहत विकसित

देहरादून, 21 नवंबर। केंद्र और उत्तराखंड सरकार ने चीन सीमा से सटे 91 गांवों को वाइब्रेट विलेज कार्यक्रम के तहत मॉडल ग्राम के रूप में विकसित करने का बड़ा कदम उठाया है। इन गांवों का उद्देश्य बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण, आर्थिक गतिविधियों का विस्तार और पलायन रोकना है।

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सरकारी योजना और वित्तीय पहल

ग्रामीण विकास मंत्री गणेश जोशी को ग्राम्य विकास आयुक्त ने इन गांवों की प्रगति रिपोर्ट सौंपी। मंत्री ने समयबद्ध कार्रवाई, व्यापक प्रचार-प्रसार और सीमावर्ती गांवों के समग्र विकास पर जोर दिया।

  • उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ के 51 गांवों में:
  • संपर्क मार्गों का निर्माण
  • स्थानीय संस्कृति और पर्यटन का प्रचार
  • आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करना
  • आधुनिक सुविधाओं का विकास

राज्य सरकार ने इस उद्देश्य के लिए 520.15 करोड़ रुपये की कार्य योजना केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी थी, जिसमें से 110 करोड़ रुपये राज्य को मंजूर हो गए हैं।

  • वाइब्रेट विलेज 2.0:
  • नेपाल सीमा से सटे चंपावत, पिथौरागढ़ और उधमसिंह नगर के 40 गांवों में आंकड़ों का एकत्रीकरण और सत्यापन कार्य चल रहा है।
  • पिथौरागढ़ जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत पांच सड़कों के निर्माण के लिए 119.44 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं।

उद्देश्य और महत्व

इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल सड़क और बुनियादी ढांचा ही नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सुधार और रोजगार के अवसर पैदा करना भी है। गांवों में आधुनिक सुविधाओं के निर्माण से नागरिकों को सुविधाजनक जीवन मिलेगा और सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा भी मजबूत होगी।

केंद्र और राज्य सरकार के इस संयुक्त प्रयास से उत्तराखंड की सीमावर्ती इलाकों की तस्वीर बदलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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