
वॉशिंगटन, 16 फरवरी 2026: अमेरिकी एयर फोर्स की मौजूदा ताकत चीन जैसी बढ़ती शक्ति के मुकाबले पर्याप्त नहीं है। मिशेल इंस्टीट्यूट फॉर एयरोस्पेस स्टडीज की एक रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि चीन के खिलाफ भविष्य की किसी भी लड़ाई में अमेरिका को तुरंत 200 नए B-21 स्टेल्थ बॉम्बर बनाने होंगे।
रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा अमेरिकी बॉम्बर फोर्स चीन की अंदरूनी इलाकों में ऑपरेशनल पनाहगाहों से पीएलए (चीनी सेना) द्वारा लंबी दूरी के हमलों को रोकने में सक्षम नहीं है। अमेरिकी एयर फोर्स की ताकत कम होने के कारण चीन की बढ़ती सैन्य क्षमताओं के सामने अमेरिका की युद्ध जीतने की संभावना कमजोर हो रही है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पेंटागन की वर्तमान युद्ध रणनीति केवल ताइवान पर चीनी कब्जे को रोकने तक सीमित है, जबकि एक संतुलित रणनीति में हवाई हमले शामिल होने चाहिए। ये हमले चीन की मुख्य भूमि से लंबी दूरी तक हवाई, जमीन और समुद्री बलों की क्षमता को सीमित कर सकें।
रिपोर्ट का निष्कर्ष:
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मजबूत हमला ही सबसे बेहतर बचाव है।
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अमेरिकी अभियान में चीन की कमांड, कंट्रोल और लंबी दूरी की लड़ाकू ताकतों पर स्ट्रेटेजिक हमला शामिल होना चाहिए।
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पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में अमेरिकी सेना की असरदार कार्यक्षमता खतरे में है।
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दशकों से फोर्स में कटौती के कारण लंबी दूरी के स्टेल्थ बॉम्बर की संख्या कम हो गई है।
रिपोर्ट ने सुझाव दिया है कि केवल B-21 बॉम्बर ही नहीं, बल्कि 300 नए F-47 छठी पीढ़ी के लड़ाकू जेट बनाने की भी जरूरत है। F-47 और B-21 की संयुक्त ताकत से अमेरिका चीन में लक्षित हमले कर सकता है और पीएलए की मिसाइल क्षमताओं को नष्ट कर सकता है।
इस रिपोर्ट के प्रकाश में अमेरिकी एयर फोर्स को अपनी स्ट्रेटेजिक ताकत को जल्द ही बढ़ाने की आवश्यकता है, ताकि चीन की बढ़ती सैन्य क्षमता के खिलाफ प्रभावी रणनीति अपनाई जा सके।
