
मॉस्को, 16 फरवरी 2026: भारत के करीबी दोस्त रूस की सरज़मीन पर पाकिस्तान ने खतरनाक खेल शुरू कर दिया है। पाकिस्तान की कुख्यात खुफिया एजेंसी ISI ने मॉस्को में एक स्पेशल ऑपरेशनल यूनिट बनाई है, जिसका नाम मैट्रियोश्का डेस्क रखा गया है। यह यूनिट रूस के लिए चिंताजनक खुफिया गतिविधियों में शामिल होने के इरादे रखती है।
रिपोर्ट के अनुसार, यह यूनिट जनवरी 2026 में पाकिस्तानी सेना के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर के निर्देश पर बनाई गई थी। ISI के अधिकारी ब्रिगेडियर आसिफ खान और दो अन्य वरिष्ठ अधिकारी इसका संचालन कर रहे हैं। इस यूनिट का मकसद रूस की मिलिट्री, खुफिया, मीडिया और एलीट सर्कल से लोगों को भर्ती करना और विदेशों में रूसी खुफिया एसेट्स की जानकारी जुटाना है। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, इस सेल के निशाने पर सीधे राष्ट्रपति पुतिन तक हो सकते हैं।
सूत्र बताते हैं कि पाकिस्तान की यह खुफिया तैयारी अचानक नहीं हुई है। ISI ने पहले से ऑपरेटिव्स का नेटवर्क तैयार किया हुआ है, जिनमें से कुछ स्थानीय समाज में आसानी से घुल-मिल सकते हैं और रूसी भाषा भी जानते हैं। यह ऑपरेटिव्स रूस में भर्ती और रैडिकलाइजेशन ऑपरेशन के लिए तैनात किए जा सकते हैं।
सुरक्षा विश्लेषक सलाह उद्दीन शोएब चौधरी का कहना है कि मॉस्को में ISI का यह खुफिया सेल जियोपॉलिटिकल चेसबोर्ड के बदलते परिदृश्य को दर्शाता है। रूस पश्चिम के साथ बिगड़ते रिश्तों, यूक्रेन में लंबी लड़ाई और यूरशिया में बदलते अलायंस के बीच जूझ रहा है। इस स्थिति का फायदा विदेशी खुफिया एजेंसियां स्ट्रेटेजिक लेवरेज के लिए उठा सकती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, पाकिस्तान की इस नापाक चाल से रूस और भारत के बीच सहयोग प्रभावित होने की संभावना नहीं है, लेकिन यह क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चेतावनी है।
