
उन्नाव, 16 फरवरी 2026: माखी दुष्कर्म केस की पीड़िता ने अपने पिता की कस्टोडियल डेथ मामले में कुलदीप सिंह सेंगर की सजा बढ़ाने की मांग करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। चीफ जस्टिस ने संबंधित मामलों की सुनवाई के लिए 19 फरवरी को बेंच के सामने पेश होने का आदेश दिया है।
इससे पहले निचली अदालत ने सेंगर को उनके पिता की हत्या के गैर-इरादतन अपराध में 10 साल की जेल और 10 लाख रुपये का जुर्माना सुनाया था। अदालत ने कहा था कि परिवार के इकलौते कमाने वाले व्यक्ति की हत्या में किसी भी तरह की नरमी बरती नहीं जा सकती। सेंगर ने इस सजा के खिलाफ हाई कोर्ट में जमानत की याचिका लगाई थी, जिसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।
सेंगर वर्तमान में नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। पीड़िता ने आरोप लगाया कि 4 जून 2017 को नौकरी दिलाने के बहाने उन्हें सेंगर के घर ले जाया गया, जहां उनके साथ बलात्कार हुआ। 3 अप्रैल 2018 को कोर्ट की सुनवाई के दौरान उनके पिता की पुलिस कस्टडी में मौत हो गई थी।
पीड़िता का कहना है कि न्याय के लिए यह जरूरी है कि सेंगर की सजा बढ़ाई जाए और उन्हें उनके अपराध के लिए पूरी तरह दंडित किया जाए।
उन्नाव दुष्कर्म मामला और पिता की कस्टोडियल मौत ने पूरे देश में कानून और न्याय प्रक्रिया पर बहस छेड़ दी है। 19 फरवरी को होने वाली हाई कोर्ट की सुनवाई इस मामले में अहम मोड़ साबित हो सकती है।
