
सीतामढ़ी: बिहार के सीतामढ़ी साइबर पुलिस ने एक शातिर ठग महेश मुखिया को गिरफ्तार किया है, जिसे स्थानीय लोग साइबर फ्रॉड का ‘छोटा नटवरलाल’ कह रहे हैं। आरोपी महेश मुखिया सोशल मीडिया और फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर लोगों को फंसाता था। ठगी के लिए वह डीआईजी का फर्जी आईकार्ड और नेपाल के सिमकार्ड का इस्तेमाल करता था।
40 लाख रुपये की ठगी का मामला
मुजफ्फरपुर जिले के सुधीर साहनी ने शिकायत दर्ज कराई कि मोहिनी मंडल गांव के महेश मुखिया ने टेंडर लाइसेंस बनवाने के नाम पर 40 लाख रुपये की ठगी की। पीड़ित ने जमीन बेचकर और कर्ज लेकर पैसे महेश मुखिया को दिए थे। ठगी का अहसास होने पर सुधीर साहनी पुलिस के पास पहुंचे।
गिरफ्तार आरोपी के पास से बरामद सामग्री
डीएसपी आलोक रंजन ने बताया कि महेश मुखिया को उसके घर से गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से पुलिस ने जब्त किया:
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DIG का फर्जी आईकार्ड
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नगद 1.5 लाख रुपये
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14 सिमकार्ड (कुछ नेपाल के)
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10 डेबिट कार्ड, चेकबुक और मोबाइल टैबलेट
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि महेश मुखिया ने कितनों से ठगी की है और उसके नेटवर्क में और लोग शामिल हैं या नहीं।
फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर करता था शिकार
महेश मुखिया अपने शिकारों को फंसाने के लिए फर्जी पुलिस अधिकारी बन जाता था। पीड़ितों को डर और लालच में डालकर वह पैसे वसूलता था। इस मामले में आरोपी ने अपनी संलिप्तता भी स्वीकार की है।
डीएसपी आलोक रंजन ने चेतावनी दी कि साइबर अपराध के मामलों में हमेशा सतर्क रहें और किसी भी शक के स्थिति में पुलिस से तुरंत संपर्क करें।
