
पटना: बिहार की नई सरकार में गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने अपराधियों के खिलाफ ‘एनकाउंटर थ्योरी’ को अपनी मुख्य रणनीति बनाया है। इसी नीति के तहत वर्ष 2025 और 2026 के शुरुआती महीनों में पुलिस मुठभेड़ की घटनाओं में भारी वृद्धि दर्ज की गई है।
एनकाउंटर का डेटा: 2024 की तुलना में तीन गुना वृद्धि
बिहार पुलिस और विशेष टास्क फोर्स (STF) के आंकड़ों के अनुसार:
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2024 में एनकाउंटर के मामले: 8
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2025 में एनकाउंटर के मामले: 29
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जनवरी 2026 के पहले महीनों में एनकाउंटर: लगभग 15, जिसमें दो में अपराधियों की मौत हुई और 14 घायल हुए।
इन मुठभेड़ों में कई मामलों में अपराधियों पर फायरिंग हुई, जबकि कुछ को गंभीर चोटें आईं। रोहिणी में 4 बिहार के गैंगस्टर भी ढेर किए गए।
सम्राट चौधरी का संदेश
गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने साफ कहा कि बिहार में अपराध के लिए कोई जगह नहीं होगी। उनका मानना है कि ‘क्राइम, करप्शन और कम्युनलिज्म’ को समाप्त करना सरकार की प्राथमिकता है। इस दिशा में STF को एनकाउंटर के लिए विशेष अधिकार दिए गए हैं।
विपक्ष का आरोप
राजद के नेता भाई वीरेंद्र ने STF की इस नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि एनकाउंटर का प्रयोग कुछ विशेष जाति और समुदाय के लोगों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “क्या बिहार में केवल एक ही जाति के लोग अपराधी हैं?” उनका यह बयान हाल ही में सूर्य डॉन एनकाउंटर के मामले पर आया।
बिहार सरकार की मजबूरी
2025 में बिहार में आपराधिक घटनाओं की स्थिति गंभीर रही:
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हत्याएं: 2,556
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बलात्कार: 2,025
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डकैती: 174
इन बढ़ती घटनाओं के चलते नए गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने नीतीश सरकार की सुशासन छवि बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए।
निष्कर्ष
बिहार में अपराध नियंत्रण की यह नीति जीरो टॉलरेंस का संदेश देती है। पुलिस की सक्रियता और STF की एनकाउंटर रणनीति राज्य में कानून और व्यवस्था बनाए रखने का प्रमुख हथियार बन गई है।
