
गुवाहाटी/डिब्रूगढ़: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को असम दौरे पर डिब्रूगढ़ पहुंचे और यहां इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) का उद्घाटन किया। पीएम मोदी ने इसे असम के लिए ऐतिहासिक बताया और कहा कि यह सुविधा पूर्वोत्तर राज्यों में सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
हवाई प्रदर्शन के साथ फीचर का अवलोकन
प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में फाइटर, ट्रांसपोर्ट और हेलीकॉप्टर का हवाई प्रदर्शन किया गया। यह पूर्वोत्तर में ELF की पहली सुविधा है। इसके निर्माण से सिविल और मिलिट्री एयरक्राफ्ट की इमरजेंसी लैंडिंग और टेक-ऑफ में मदद मिलेगी।
जीवनरक्षक बनेगी यह सुविधा
मोरन बाईपास पर विकसित ELF सुविधा को इंडियन एयर फोर्स के सहयोग से खास तौर पर डिजाइन किया गया है। यह इमरजेंसी रिस्पॉन्स के लिए अहम एसेट साबित होगी। प्राकृतिक आपदाओं या रणनीतिक जरूरतों के समय बचाव और राहत ऑपरेशन को तेजी से शुरू करने में यह सुविधा मदद करेगी।
ELF को डुअल-यूज इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में बनाया गया है। यह 40 टन तक के फाइटर एयरक्राफ्ट और 74 टन तक के ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट को हैंडल करने में सक्षम है।
देश में कितनी जगह है यह सुविधा?
असम के डिब्रूगढ़ के अलावा, देश में यह सुविधा कुल पाँच जगहों पर मौजूद है:
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राजस्थान के बाड़मेर (NH-925A)
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उत्तर प्रदेश के आगर-लखनऊ एक्सप्रेसवे
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उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे
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ओडिशा के बालासोर (NH-16)
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आंध्र प्रदेश के नेल्लोर (NH-16)
भारतीय वायुसेना और NHAI की योजना है कि देश की 28 जगहों पर ELF विकसित की जाए। डिब्रूगढ़ में बनी यह सुविधा चीन सीमा के काफी नजदीक है, जिससे इसकी रणनीतिक अहमियत और बढ़ जाती है।
