
सोनभद्र, 13 फरवरी 2026: सोनभद्र की विशेष पॉक्सो अदालत ने 15 वर्षीय नाबालिग बेटी से दुष्कर्म करने और उसे गर्भवती करने के जुर्म में अपने ही पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर अदालत ने डेढ़ लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है, जो पीड़िता को दिए जाएंगे। अर्थदंड न चुकाने पर दोषी को अतिरिक्त 6 महीने की जेल भी भुगतनी होगी।
11 महीने पहले हुआ गंभीर अपराध
करीब 11 महीने पहले, अप्रैल 2025 में, चोपन थाना क्षेत्र के एक गांव में आरोपी पिता ने अपनी नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म किया। इस दुष्कर्म के कारण पीड़िता गर्भवती हो गई और उसके गर्भ में 7 महीने का बच्चा पल रहा था। 27 अक्टूबर 2025 को पीड़िता के मामा ने चोपन थाने में तहरीर दी। इसके आधार पर पुलिस ने आरोपी पिता के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया।
जांच में पर्याप्त सबूत मिलने पर चार्जशीट दाखिल की गई और 7 जनवरी 2026 को अदालत ने आरोप तय किए।
अदालत ने महज 35 दिनों में सुनाया फैसला
विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अमित वीर सिंह की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों, 9 गवाहों के बयान और पूरी पत्रावली का अवलोकन करने के बाद महज 35 दिनों में फैसला सुनाया। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और नीरज कुमार सिंह ने मजबूत पैरवी की।
पीड़िता को जन्म हुआ बच्ची को
पीड़ित किशोरी ने 13 जनवरी 2026 को जिला अस्पताल में एक बेटी को जन्म दिया। लोकलाज के कारण गर्भपात की अनुमति नहीं दी गई थी
