Sunday, May 24

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‘प्रेग्नेंट करो और लाखों कमाओ’– नालंदा पुलिस का बड़ा ऑपरेशन, खेत में चल रहा साइबर ठगी का खेल

नालंदा (बिहार): बिहार के नालंदा जिले में पुलिस ने एक खेत में छापेमारी कर एक साइबर ठगी गिरोह को धर-दबोचा। मामला चौंकाने वाला था: गिरोह महिलाओं को गर्भवती कराने का झांसा देकर मोटी रकम कमाने का खेल चला रहा था।

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खेत में चल रहा था फ्रॉड का खेल

नालंदा पुलिस को सूचना मिली कि सुंदरपुर और बरीठ गांव के बीच एक खेत में कुछ संदिग्ध सक्रिय हैं। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कतरीसराय थाना पुलिस ने छापेमारी कर पांच लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रभात कुमार, नितीश कुमार, प्रीतम कुमार, अनिल कुमार और एक नाबालिग के रूप में की गई है।

आरोपियों के पास से बरामद सामान

तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से 7 मोबाइल फोन, कई सिम कार्ड और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई। पुलिस ने सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त कर जांच शुरू कर दी है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे भोले-भाले लोगों को सस्ते दर पर लोन दिलाने का झांसा देकर ठगी करते थे।

सोशल मीडिया के जरिए ठगी

गिरोह महिलाओं और युवतियों की फोटो व्हाट्सएप पर भेजकर उन्हें गर्भवती कराने पर मोटी रकम कमाने का लालच देता था। इसके नाम पर पंजीकरण शुल्क, प्रोसेसिंग फीस या अन्य शुल्क वसूला जाता था। यह गिरोह लंबे समय से ग्रामीण क्षेत्रों में ऑनलाइन ठगी और सोशल मीडिया धोखाधड़ी कर रहा था।

यह स्कैम कैसे काम करता है

इस ठगी में लोगों को बताया जाता था कि निसंतान महिलाओं को बच्चा पैदा करना है और उन्हें मोटी रकम दी जाएगी। गिरोह ऐसे लोगों को निशाना बनाता था, जिन्हें पैसे की तंगी है और महिला अपनी पहचान छिपाना चाहती है। इस झांसे में कई लोग फंस जाते हैं।

बिहार में पहला मामला नहीं

बिहार में इससे पहले नवादा जिले में भी इसी तरह का ‘ऑल इंडिया प्रेग्नेंट जॉब सर्विस’ ठगी मामला सामने आया था। तब भी लोगों को लाखों रुपये का झांसा दिया गया था।

पुलिस ने आम जनता से की अपील

  • किसी भी अनजान कॉल, संदेश या सोशल मीडिया लिंक पर भरोसा न करें।

  • लालच में आकर किसी को पैसा न भेजें।

  • किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना स्थानीय थाना या साइबर हेल्पलाइन पर दें।

  • नजदीकी साइबर थाना में जाकर FIR दर्ज कराएं

नाबालिग को किशोर न्याय अधिनियम के तहत प्रस्तुत किया जाएगा, जबकि अन्य आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा।

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