
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने संसद में सार्वजनिक स्थलों पर सफाई और सिविक सेंस की कमी को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि देश तब बदलेगा, जब हमारी सोच बदलेगी।
संसद के उच्च सदन में स्वच्छता पर अपनी बात रखते हुए स्वाति मालीवाल ने कहा कि सरकारें साफ-सफाई बनाए रखने में कई बार नाकाम रही हैं, लेकिन समस्या की जड़ नागरिकों के मानसिकता में भी है। “सड़क पर कूड़ा फेंकना, मेट्रो में धक्का-मुक्की, लाइन तोड़ना, खुले में शौच, पहाड़ों और पर्यटन स्थलों पर गंदगी, सड़क पर हंगामा करना—ये सब आज आम दृश्य बन चुके हैं,” उन्होंने कहा।
स्वाति मालीवाल ने जोर देकर कहा कि सिविक सेंस को स्कूलों में पढ़ाना बेहद जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक नियम तोड़ने वालों पर भारी जुर्माना और सख़्त कार्रवाई होनी चाहिए। तभी हम एक स्वच्छ और सभ्य भारत की ओर बढ़ पाएंगे।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कई लोग पार्क में चिप्स या पानी की बोतल वहीं छोड़ देते हैं, मेट्रो में धक्का-मुक्की करते हैं और पहाड़ों में तेज आवाज में गाड़ियों के साथ नृत्य करते हैं। उन्होंने जापान का उदाहरण देते हुए कहा कि वहाँ बच्चे अपने क्लासरूम खुद साफ करते हैं क्योंकि वे सार्वजनिक स्थानों को अपना घर मानते हैं।
उत्तर-पूर्व के राज्यों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि वहाँ नो रेड लाइट जंपिंग, नो हॉन्किंग और फेस्टिवल में जीरो प्लास्टिक जैसी आदतें आम हैं। स्वाति मालीवाल ने कहा कि वायरल होने वाली गंदगी और mismanagement की वीडियो से हमारी वैश्विक छवि प्रभावित होती है।
अंत में उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की, “देश को साफ रखना देशभक्ति है। हमारी जिम्मेदारी है कि हम सार्वजनिक स्थानों को अपने घर की तरह साफ रखें। नियम तोड़ने पर जुर्माना और ईमानदारी से इसका पालन सुनिश्चित किया जाए।”
स्वाति मालीवाल का यह संदेश साफ-सफाई और जिम्मेदार नागरिकता के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास है।
