
नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को गुरुवार को दिल्ली हाई कोर्ट से जमानत नहीं मिल सकी। चेक बाउंस मामले की सुनवाई दौरान अदालत ने वकील के अनुरोध पर सुनवाई सोमवार तक टाल दी। फिलहाल राजपाल यादव को तिहाड़ जेल में चार और दिन बिताने होंगे।
अदालत का सख्त संदेश
जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने कहा,
“आप जेल इसलिए गए क्योंकि आपने अपने वादे पूरे नहीं किए। इससे पहले कई मौकों पर आपने बयान दिया कि पैसे लौटाए जाएंगे, लेकिन हर बार इसमें नाकाम रहे।”
अदालत ने शिकायतकर्ता से कहा कि उन्हें जमानत याचिका पर जवाब दाखिल करना होगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट में पहले की गई चुनौती के बावजूद कोई राहत नहीं मिली है।
वकील की दलील और सुनवाई का टालना
राजपाल यादव के वकील ने अदालत को बताया कि उन्होंने क्लाइंट से संपर्क करने की कोशिश की थी, लेकिन संभव नहीं हो सका। उन्होंने कहा, “हम सोमवार तक कुछ न कुछ लेकर आएंगे।” अदालत ने याचिका पर सुनवाई सोमवार के लिए स्थगित कर दी।
मामला कहां से शुरू हुआ
यह मामला साल 2010 से चल रहा है। राजपाल यादव ने फिल्म ‘अता पता लापता’ बनाने के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपये उधार लिए थे। फिल्म फ्लॉप हो गई और कर्ज बढ़कर करीब 9 करोड़ रुपये हो गया। अभिनेता ने कई बार चेक जारी किए, लेकिन वे बाउंस हो गए।
पिछली कानूनी कार्रवाई
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कड़कड़डूमा कोर्ट ने कई बार नोटिस भेजा।
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2013 में गलत हलफनामा देने पर 10 दिनों की न्यायिक हिरासत हुई।
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जून 2024 में दिल्ली हाई कोर्ट ने अस्थायी रोक लगाई और आपसी समझौते की संभावना तलाशने को कहा।
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जनवरी 2026 में कोर्ट ने अंतिम मौका दिया था, लेकिन 50 लाख रुपये का भुगतान और सरेंडर का समय बढ़ाने की अर्जी खारिज कर दी गई।
अब आगे
फिलहाल राजपाल यादव तिहाड़ जेल में बंद हैं। हाई कोर्ट सोमवार को केस की अगली सुनवाई करेगी।
