Friday, May 15

This slideshow requires JavaScript.

गाजियाबाद में नकली Liv-52 रैकेट का भंडाफोड़, सरगना समेत 5 आरोपी गिरफ्तार

गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश पुलिस ने नकली लीवर दवाओं के बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। गिरोह सोनीपत की एक लैब में हिमालयन लिव-52 जैसी नकली टैबलेट्स बनाकर कई जिलों में सप्लाई कर रहा था। पुलिस ने गैंग के सरगना समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें एक पैरामेडिकल छात्र भी शामिल है।

This slideshow requires JavaScript.

गिरफ्तार आरोपियों और बरामद सामग्री:
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 50,000 टैबलेट्स, 1,200 सफेद रंग की खाली डिब्बियां और ढक्कन, 500 प्रिंटेड रैपर और एक कार बरामद की है। गिरफ्तार आरोपियों में मोदीनगर निवासी मयंक अग्रवाल, दिल्ली के उत्तम नगर निवासी अनूप गर्ग, सुभाषनगर निवासी तुषार ठाकुर, हिंडन विहार निवासी आकाश ठाकुर और निवाड़ी निवासी नितिन त्यागी शामिल हैं।

कैसे चल रहा था धंधा:
गिरोह ने चार महीने पहले यह अवैध धंधा शुरू किया था। सोनीपत की सुबको लेबोरेट्रीज से नकली टैबलेट्स बनवाए जा रहे थे। सफेद डिब्बियां और ढक्कन मेरठ के एकता प्लास्टिक उद्योग से, रैपर खैरनगर चौपला के पास मुज्जमिल की प्रिंटिंग प्रेस से, और डाई बनाने की मशीन शकील जमनानगर नवीन मंडी से मंगवाई जा रही थी।

गिरोह के सदस्यों ने काम बांट रखा था। नितिन त्यागी मोदीनगर में मेडिकल स्टोर चलाता है, मयंक अग्रवाल पूर्व मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव है, अनूप गर्ग मयंक का रिश्तेदार है, तुषार ठाकुर पैरामेडिकल छात्र है और आकाश ठाकुर सप्लाई में मदद करता था।

हिमालयन कंपनी के नाम पर धोखाधड़ी:
यह गिरोह हिमालयन वैलनेस कंपनी के नाम का इस्तेमाल कर नकली टैबलेट्स बेच रहा था। जनवरी में कंपनी की शिकायत पर मुरादनगर थाने में धोखाधड़ी और कॉपीराइट एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ था।

ड्रग कंट्रोल विभाग की चेतावनी:
ड्रग इंस्पेक्टर आशुतोष मिश्रा ने कहा कि विभाग नकली दवाओं के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहा है। हाल के महीनों में कई मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं और आगे भी अभियान जारी रहेंगे। हालांकि गाजियाबाद में नकली दवाओं का कारोबार बढ़ता जा रहा है। शहर के लोनी, खेड़ा और इंदिरापुरम इलाकों में छोटी इकाइयों में नकली कैंसर दवाएं और प्रतिबंधित कफ सिरप बनाई जा रही हैं, जो उत्तर भारत में सप्लाई हो रही हैं।

Leave a Reply