
पुणे, 9 फरवरी 2026: महाराष्ट्र जिला परिषद चुनावों में सोशल मीडिया स्टार और एनसीपी की उम्मीदवार निर्मला नवले की हार ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। कारेगांव की सरपंच के तौर पर पहचान बनाने वाली निर्मला नवले को चुनाव प्रचार के दौरान भारी समर्थन मिला था, लेकिन मतगणना में अप्रत्याशित परिणाम सामने आया।
निर्मला नवले शिरूर जिला परिषद के कारेगांव ग्रुप से चुनाव मैदान में थीं। उन्हें मनीषा पचांगे ने मात दी। 27 साल की निर्मला नवले ने आईटी में इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की है और पूर्व सरपंच के रूप में उनका नाम सुर्खियों में रहा। उनके पिता आर्मी कैप्टन रह चुके हैं।
निर्मला नवले के सोशल मीडिया फॉलोअर्स उनके चुनाव प्रचार का अहम हिस्सा थे। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया और चुनावी रैलियों में उमड़ी भीड़ ने अंदाजा लगवा दिया था कि वह आसानी से जीत जाएंगी। लेकिन ग्राउंड लेवल पर मनीषा पचांगे की मेहनत ने चुनाव का पासा पलट दिया।
निर्मला नवले इंस्टाग्राम पर केवल पौने छह लाख फॉलोअर्स रखती हैं और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में उनकी लोकप्रियता है। उनके पति शुभम नवले ने भी चुनाव में सक्रिय भूमिका निभाई। बावजूद इसके, स्थानीय वोटरों ने मनीषा पचांगे को ही समर्थन दिया।
राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि इस हार ने सोशल मीडिया के प्रभाव और जमीन पर किए गए मेहनत के बीच के अंतर को साफ़ कर दिया है। शिरूर पंचायत समिति और जिला परिषद के चुनाव नतीजों ने यह साबित कर दिया कि डिजिटल फैन-फॉलोइंग हमेशा चुनाव जीत की गारंटी नहीं देती।
निर्मला नवले की हार ने चुनावी रणनीति, सोशल मीडिया और स्थानीय राजनीति के बीच संतुलन पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।