
चंडीगढ़, 9 फरवरी 2026: पंजाब की राजनीति में एक बार फिर कांग्रेस की दलित-विरोधी मानसिकता उजागर हो गई है। पार्टी नेताओं के विवादित बयानों और टिप्पणियों ने साफ़ कर दिया है कि कांग्रेस में दलित समाज के प्रति संवेदनशीलता का अभाव है। इस पर आम आदमी पार्टी (AAP) ने कड़ा रुख अपनाया और कांग्रेस को सार्वजनिक रूप से कटघरे में खड़ा कर दिया।
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि दलितों का अपमान कांग्रेस की आदत बन चुकी है। उन्होंने मांग की कि प्रताप सिंह बाजवा और कांग्रेस पार्टी 24 घंटे के भीतर माफ़ी मांगे। लेकिन 24 घंटे बीत जाने के बावजूद कांग्रेस की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई, जिससे आम आदमी पार्टी नाराज़ हो गई।
सोमवार को AAP ने चंडीगढ़ में विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बैंड-बाजा के साथ कांग्रेस के दलित विरोधी रवैये के खिलाफ संदेश दिया कि दलित समाज के सम्मान से खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस ने विरोध के दौरान AAP कार्यकर्ताओं पर वाटर कैनन का प्रयोग भी किया, लेकिन प्रदर्शन जारी रहा।
हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “कांग्रेस नेताओं ने केवल सरदार हरभजन सिंह का नहीं, बल्कि उनके काम, उनकी कम्युनिटी और पूरे दलित समाज का अपमान किया है।” AAP ने कांग्रेस को अल्टीमेटम दिया था कि वह माफी मांगे, लेकिन कांग्रेस की चुप्पी ने उसकी असंवेदनशीलता उजागर कर दी।
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वडिंग द्वारा दलित मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ को धमकी देने और प्रताप सिंह बाजवा द्वारा तंज भरे बयान ने कांग्रेस की दलित विरोधी सोच को और स्पष्ट कर दिया। AAP के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने ट्वीट कर कहा कि अगर कांग्रेस में थोड़ी भी शर्म बाकी है, तो राजा वडिंग और राहुल गांधी को दलित समाज से तुरंत माफ़ी मांगनी चाहिए।
इस पूरे विवाद ने कांग्रेस में दलित नेतृत्व की कमी और उनकी उपेक्षा को भी उजागर किया है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने पहले ही कहा था कि पंजाब में दलित आबादी के बावजूद कांग्रेस के शीर्ष पदों पर “ऊंची जाति” के लोग काबिज हैं। इसके विपरीत, AAP की पंजाब कैबिनेट में 6 मंत्री दलित समाज से हैं, जो दलितों को सम्मान और प्रतिनिधित्व देती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दलित समाज की यह नाराज़गी कांग्रेस से दूर कर रही है और AAP की ओर आकर्षित कर रही है। पंजाब के दलित समाज का संदेश साफ है – अपमान नहीं, सम्मान चाहिए। और यही सम्मान उन्हें आज AAP में दिखाई दे रहा है।