
पटना के हॉस्टल में नीट छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में चौंकाने वाले दावे किए। उन्होंने बताया कि छात्रा के मोबाइल और डायरी से उसकी मानसिक स्थिति और निजी परेशानियों के महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।
एसएसपी के अनुसार, जांच टीम को छात्रा के कमरे से डायरी और मोबाइल मिला। मोबाइल की फोरेंसिक जांच में यह सामने आया कि 24 दिसंबर 2025 को छात्रा ने इंटरनेट पर साइनाइड और नींद की गोलियों के बारे में सर्च किया था।
एसएसपी कार्तिकेय ने यह भी बताया कि छात्रा का परिवार शुरू में FIR दर्ज कराने से बच रहा था। पुलिस को अस्पताल से जानकारी मिलने के बाद मामला दर्ज करना पड़ा और जांच शुरू हुई। अब इस मामले की आगे की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है।
जानकारी के अनुसार, नीट परीक्षा की तैयारी कर रही छात्रा 6 जनवरी 2026 को अपने हॉस्टल के कमरे में बेहोश मिली और 11 जनवरी को प्राइवेट अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिवार ने आरोप लगाया कि उसके साथ यौन उत्पीड़न हुआ और घटना को दबाने की कोशिश की गई।
एसएसपी ने कहा कि छात्रा की डायरी और मोबाइल के विश्लेषण से उसके मानसिक स्वास्थ्य और व्यक्तिगत परेशानियों के अहम संकेत मिले हैं, जिनका इस्तेमाल सीबीआई अपनी जांच के आधार के रूप में कर रही है।