
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने आज भारत टैक्सी सर्विस का औपचारिक लॉन्च कर दिया। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि यह पहल ड्राइवरों के लिए बड़े फायदे और आर्थिक सशक्तिकरण लेकर आएगी।
यह प्लेटफॉर्म कोऑपरेटिव मॉडल पर आधारित है और ड्राइवरों को टैक्सी का मालिकाना हक देता है। इससे अब जीरो कमीशन और सर्ज प्राइसिंग का प्रथा खत्म हो जाएगी। भारत टैक्सी का उद्देश्य उबर और ओला जैसे एग्रीगेटर-आधारित मॉडल को चुनौती देना है।
ड्राइवरों के लिए क्या बदलाव
अमित शाह ने कहा, “इस सिस्टम में हर ड्राइवर यानी सारथी, अपनी टैक्सी का मालिक होगा। यह मॉडल गुजरात के अमूल की तरह अनोखा है और आर्थिक क्रांति की दिशा में कदम है। टैक्सी के पहिए सारथी समुदाय के फायदे के लिए चलेंगे।”
सहकारिता मंत्रालय ने बताया कि यह पहल ड्राइवरों को मालिकाना हक, ऑपरेशन और वैल्यू क्रिएशन के केंद्र में रखती है। ड्राइवर अब एग्रीगेटर-आधारित शोषण से मुक्त होंगे।
सेवाओं का दायरा
भारत टैक्सी सर्विस यूनिफाइड मोबिलिटी प्लेटफॉर्म के रूप में लॉन्च की गई है। यह प्लेटफॉर्म दो-पहिया, तीन-पहिया और चार-पहिया वाहनों के लिए सेवाएं देगा। गृह मंत्री ने कहा, “सारथी दीदी महिला राइडर्स और ड्राइवरों की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण सुनिश्चित करेंगी।”
कोई कमीशन नहीं, पूरा किराया ड्राइवर के खाते में
अमित शाह ने बताया कि प्लेटफॉर्म तीन साल में पूरी तरह कार्यात्मक हो जाएगा। सरकार प्लेटफॉर्म से होने वाली कमाई का केवल 20% चार्ज करेगी, बाकी राशि सीधे सारथी के अकाउंट में ट्रांसफर होगी।
उन्होंने कहा, “अब तक किराया पहले कंपनी के अकाउंट में जमा होता था और कमीशन कट जाता था। यह सिस्टम अब खत्म हो गया है। कोई बिचौलिया नहीं, कोई देरी नहीं। सभी पेमेंट सीधे सारथी के अकाउंट में ट्रांसफर होंगे।”
इसके अलावा, यह प्लेटफॉर्म बुकिंग फीस, भारी प्लेटफॉर्म चार्ज और छिपे हुए कमीशन को भी समाप्त करेगा। ड्राइवरों के लिए यह एक वास्तविक आर्थिक क्रांति साबित होने जा रही है।