
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में चाइनीज मांझे से हुई एक युवक की मौत के बाद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार की घटनाओं को अब हत्या की श्रेणी में रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने पूरे प्रदेश में चाइनीज मांझे के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और संबंधित दुकानों तथा आपूर्तिकर्ताओं पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
घटना हैदरगंज चौराहे से तालकटोरा मिल एरिया को जाने वाले फ्लाईओवर पर बुधवार दोपहर हुई। स्कूटी सवार मो. शोएब (35) की गर्दन चाइनीज मांझे में फंस जाने के कारण कट गई। शोएब एक दवा कंपनी में मेडिकल रिप्रजेंटेटिव के रूप में कार्यरत थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मांझा गर्दन में फंसते ही शोएब संतुलन खोकर स्कूटी से नीचे गिर गए, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
इस घटना ने एक बार फिर चाइनीज मांझे के खतरों और बिक्री पर रोक के बावजूद इसके अवैध रूप से बाजार में मिलने पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अदालत और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने पहले ही चाइनीज मांझे की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया है। इसके बावजूद चोरी-छिपे इसका व्यापार जारी है।
कानून के तहत, चाइनीज मांझा खरीदने और बेचने वालों पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम और बीएनएस अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत सजा और जुर्माना लगाया जा सकता है। इसमें पांच साल तक की जेल और एक लाख रुपये तक का जुर्माना शामिल है।
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने मो. शोएब को ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। शोएब के परिवार में उनकी पत्नी फौजिया, दो बेटियां – सात वर्षीय बुशरा और दो वर्षीय इकरा, तथा मां आबिदा बानो शामिल हैं। पिता की कई वर्ष पहले मृत्यु हो चुकी है।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को इस मामले में पूरी कार्रवाई की उच्च स्तरीय समीक्षा करने के निर्देश भी दिए हैं।