Wednesday, February 4

जवानी जेल में गुजर रही: दिल्ली की जेलों में आधे से अधिक कैदी 30 साल से कम उम्र के

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली की जेलों में बंद कैदियों की उम्र को लेकर चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है। जिस उम्र में युवाओं को शिक्षा और करियर पर ध्यान देना चाहिए, उस उम्र में हजारों युवा जेलों में अपना समय बिता रहे हैं।

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आंकड़े क्या कहते हैं?

दिल्ली की 16 जेलों में कुल 18,969 कैदी हैं। इनमें से 9,434 कैदी (लगभग 50%) की उम्र 21 से 30 वर्ष के बीच है।

  • 31 से 50 वर्ष के आयु वर्ग के कैदी: 7,222

  • 18 से 20 वर्ष के कैदी: 1,104

  • 65 वर्ष और उससे अधिक आयु के कैदी: 167

इस प्रकार कुल कैदियों में से 55% से अधिक की उम्र 30 साल से कम है। प्रत्येक 10 में से 7 कैदी 50 वर्ष से कम आयु के हैं।

राष्ट्रीय और विदेशी कैदी

  • कुल कैदियों में से 18,248 (96%) भारतीय नागरिक हैं।

  • विदेशी कैदियों की संख्या कम है, जिनमें अधिकांश नशीले पदार्थों से जुड़े अपराधों में शामिल हैं।

विचाराधीन बनाम दोषी

  • 16,512 कैदी (लगभग 87%) विचाराधीन हैं, जो अदालतों में अपने मामलों का फैसला होने का इंतजार कर रहे हैं।

  • दोषी कैदियों की संख्या कम है।

महिला कैदी

  • कुल 741 महिलाएं जेल में बंद हैं।

  • इनमें से 453 (61%) की आयु 31 से 50 वर्ष के बीच है।

  • महिला कैदियों में सबसे बड़ा हिस्सा 30 वर्ष से अधिक आयु का है।

कारण और विशेषज्ञों की राय

दिल्ली सरकार के एक पूर्व कानून सचिव ने बताया कि बेरोजगारी, गरीबी और स्थिर आय का अभाव युवाओं को अपराध की ओर धकेलने में अहम भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा, “जेलों में बंद कई युवा जल्दी पैसा कमाने के लालच में अपराध की दुनिया में चले गए। ज्यादातर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं।”

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