Monday, February 2

कमांडो की पीठ, इंस्पेक्टर की टोपी और नदीम की मुस्कान: डीडवाना पुलिस ने जीत लिया लाखों लोगों का दिल

डीडवाना (राजस्थान)। आम तौर पर पुलिस का नाम सुनते ही लोगों के मन में खौफ और गंभीरता की छवि उभरती है। लेकिन डीडवाना थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह कमांडो ने मानवता और संवेदनशीलता की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसने सोशल मीडिया पर हर किसी का दिल जीत लिया है।

This slideshow requires JavaScript.

नदीम की छोटी सी ख्वाहिश और बड़ा हौसला

मारवाड़ के बालिया गांव के 30 वर्षीय नदीम, जन्म से ही दिव्यांग हैं। न हाथ, न पैर—लेकिन हौसला और जिज्ञासा उनकी उड़ान को रोक नहीं पाई। कुछ दिन पहले गश्त के दौरान उनकी मुलाकात थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह कमांडो से हुई। बातचीत में नदीम ने मासूमियत से अपनी इच्छा जाहिर की:
“साहब, मैंने कभी पुलिस थाना नहीं देखा, मैं देखना चाहता हूं कि पुलिस कैसे काम करती है।”

थाने की सैर और इंस्पेक्टर की कुर्सी

राजेंद्र सिंह कमांडो ने नदीम की यह ख्वाहिश तुरंत पूरी की। जब नदीम खुद अंदर नहीं जा पाए, तो थाना प्रभारी ने उन्हें अपनी पीठ पर बैठाकर थाने का पूरा भ्रमण कराया। उन्होंने नदीम को रिकॉर्ड रूम, कंट्रोल रूम, शस्त्रागार, बैरक और हवालात तक दिखाया।

इतना ही नहीं, नदीम को सम्मानपूर्वक इंस्पेक्टर की कुर्सी पर बैठाया और सिर पर वर्दी वाली कैप पहनाई, ताकि वह पुलिस की कार्यप्रणाली को करीब से समझ सकें।

सोशल मीडिया पर सराहना

नदीम के चेहरे की मुस्कान बताती है कि उनका सालों पुराना सपना सच हो गया। नेटिज़न्स और सोशल मीडिया यूजर्स राजेंद्र सिंह कमांडो की इस संवेदनशील पहल की जमकर सराहना कर रहे हैं। लोग कह रहे हैं कि अगर हर पुलिस अधिकारी का व्यवहार ऐसा हो, तो जनता और पुलिस के बीच की दूरी हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।

डीडवाना पुलिस का यह कमांडो अवतार आज सेवा, समर्पण और संवेदनशीलता की नई पहचान बन चुका है।

Leave a Reply