Monday, February 2

पीएम मोदी का मिशन पंजाब: डेरा सचखंड बल्लां से दलित वोटरों तक सीधे संदेश

चंडीगढ़: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को संत रविदास जयंती के अवसर पर जालंधर से 18 किमी दूर डेरा सचखंड बल्लां का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने रविदासिया समुदाय के आध्यात्मिक नेता संत निरंजन दास का हाथ थामकर आशीर्वाद लिया और उनकी गरिमा का सम्मान किया। मंच से उतरते समय पीएम ने यह कहते हुए लोगों का दिल जीत लिया, “हम हैं ना! क्या यह काफी नहीं होगा?”

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प्रधानमंत्री के इस दौरे को केवल धार्मिक यात्रा के रूप में नहीं देखा जा रहा है। यह कदम पंजाब में आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों में दलित पॉलिटिक्स में बीजेपी की सक्रिय एंट्री का संकेत माना जा रहा है। विशेष रूप से दोआबा क्षेत्र में, जहां दलित आबादी लगभग 45 प्रतिशत है, डेरा सचखंड बल्लां का प्रभाव 19 विधानसभा सीटों तक माना जाता है।

साल 2022 में बीजेपी को पंजाब में सफलता नहीं मिली थी। शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस ने दोआबा में अपनी पकड़ बनाए रखी थी, जबकि आम आदमी पार्टी ने मालवा, मांझा और दोआबा के कुल 92 सीटों में प्रमुखता हासिल की। तब बीजेपी को सिर्फ 2 सीटें मिली थीं।

हालांकि लोकसभा चुनाव में बीजेपी को कोई सीट नहीं मिली, फिर भी उसे शिरोमणि अकाली दल से अधिक वोट (18.56 प्रतिशत) मिले। यही आंकड़ा पार्टी के लिए आगामी विधानसभा चुनाव में उम्मीद की किरण है। राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि पंजाब में बीजेपी की सफलता केवल हिंदू और दलित वोटरों पर निर्भर नहीं कर सकती। प्रदेश की सियासत में गठबंधन जरूरी होगा, जिसका इशारा पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शिरोमणि अकाली दल की तरफ किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर गुरु रविदास और भगवान वाल्मीकि का उल्लेख करते हुए आदमपुर हवाई अड्डे का उद्घाटन भी किया। उनके इस दौरे से साफ संकेत मिलता है कि बीजेपी पंजाब में दलित वोटरों को साधने के लिए रणनीतिक रूप से कदम बढ़ा रही है।

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