
नई दिल्ली: दुनिया की अग्रणी टेक कंपनी एनवीडिया ने मौसम और तूफान की भविष्यवाणी को पूरी तरह बदलने वाला नया AI मॉडल ‘Earth-2’ पेश किया है। कंपनी का दावा है कि यह मॉडल पारंपरिक तकनीकों और सुपरकंप्यूटर से 500 गुना तेज़ मौसम पूर्वानुमान कर सकता है।
Earth-2 क्या है?
Earth-2 मॉडल में कई एडवांस फ्रेमवर्क शामिल हैं जैसे CorrDiff, FourCastNet3, Medium Range, Nowcasting, Global Data Assimilation और PhysicsNeMo। इनमें से PhysicsNeMo मॉडल AI-फिजिक्स तकनीकों को ट्रेनिंग देने और सुधारने के लिए इस्तेमाल होता है। ये सभी फ्रेमवर्क सैटेलाइट, रडार और मौसम स्टेशनों से प्राप्त डाटा को इंटीग्रेट कर वायुमंडल की स्थिति का सटीक आकलन करते हैं।
जेनरेटिव AI का उपयोग:
Earth-2 के कई फ्रेमवर्क जेनरेटिव AI तकनीक का उपयोग करते हैं, जिससे भविष्यवाणी की गति में भारी तेजी आती है। इसकी मदद से तूफान, बारिश और अन्य मौसम संबंधित बदलावों का पता सिर्फ सेकंडों में लगाया जा सकता है।
मॉडल्स के अलग-अलग काम:
-
CorrDiff: महाद्वीप स्तर के अनुमानों को क्षेत्रीय भविष्यवाणी में बदलता है।
-
FourCastNet3: हवा, तापमान और नमी का सटीक अनुमान देता है और परंपरागत मॉडलों से 60 गुना तेज़ भविष्यवाणी करता है।
-
PhysicsNeMo: AI-फिजिक्स मॉडलों को ट्रेन करता है।
सुपरकंप्यूटर भी पीछे:
Earth-2 की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह वायुमंडल में हो रहे बदलावों को कुछ सेकंड में पहचान लेता है, जबकि सुपरकंप्यूटरों को इसके लिए घंटों लग जाते हैं। इससे अलर्ट समय पर भेजे जा सकते हैं, और जान-माल की हानि कम की जा सकती है।
अंतरराष्ट्रीय उपयोग:
इस्राइल की मौसम सेवा में CorrDiff मॉडल का उपयोग हो रहा है और जल्द ही Nowcasting तकनीक भी लागू की जाएगी। इसके बाद दिन में 8 बार हाई-रेजॉल्यूशन ग्राफिक्स के जरिए मौसम पूर्वानुमान संभव होगा। ताइवान के मौसम विज्ञानियों द्वारा भी एनवीडिया के फ्रेमवर्क का प्रयोग किया जा रहा है।
एनवीडिया के Earth-2 मॉडल से मौसम पूर्वानुमान और जलवायु परिवर्तन की भविष्यवाणी में क्रांति आने की संभावना है