
जयपुर/नई दिल्ली: जोधपुर सेंट्रल जेल में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत बंद सोनम वांगचुक की तबियत को लेकर नई चिंता उत्पन्न हुई है। उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर गुहार लगाई है कि जेल में उपलब्ध दूषित पानी के कारण वांगचुक को पेट की गंभीर समस्या हो गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर त्वरित सुनवाई करते हुए जेल प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि सोनम वांगचुक की जांच विशेषज्ञ डॉक्टर, विशेष रूप से गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से कराई जाए, ताकि उनकी बीमारी का सही तरीके से इलाज सुनिश्चित किया जा सके।
पत्नी की याचिका और कोर्ट में दलीलें
गीतांजलि आंगमो की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत को बताया कि जेल में दिए जा रहे पानी की गुणवत्ता बेहद खराब है, जिससे वांगचुक लगातार पेट दर्द और संक्रमण का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कोर्ट से आग्रह किया कि वांगचुक की नियमित, कम से कम साप्ताहिक स्वास्थ्य जांच कराई जाए और परिवार द्वारा उपलब्ध कराया गया साफ पानी उन्हें पीने के लिए उपलब्ध कराया जाए।
राजस्थान सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के.एम. नटराज ने तर्क दिया कि जेल में उनकी नियमित जांच हो रही है। चार महीनों में जेल के डॉक्टरों ने 21 बार उनकी जांच की है और आखिरी चेकअप 26 जनवरी को हुआ था।
सुप्रीम कोर्ट ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया और जोधपुर जेल प्रशासन को विशेषज्ञ डॉक्टर से वांगचुक की स्वास्थ्य जांच कराने के आदेश जारी किए।