
शाजापुर: मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में पांचवीं और आठवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा के पहले ही दिन शिक्षा विभाग की लापरवाही सामने आई। ग्राम पिपलिया गोपाल स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय में परीक्षा के दौरान छत से पानी टपकने लगा और 144 छात्रों को टाटपट्टी पर बैठकर हिंदी का पेपर हल करना पड़ा।
क्या हुआ पूरी घटना?
परीक्षा शुक्रवार दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की गई थी। बारिश के कारण परीक्षा कक्ष की छत से पानी टपकने लगा। बच्चों के कपड़े भीग गए, लेकिन उन्हें परीक्षा जारी रखनी पड़ी। स्कूल स्टाफ ने बाल्टी और मग रखकर पानी फैलने से रोकने की कोशिश की, लेकिन फर्श और टाटपट्टी गीली हो गई।
याद रहे कि यह वही स्कूल है जो तीन दिन पहले बच्चों से शौचालय साफ कराने के विवाद में भी चर्चा में आया था।
शुजालपुर क्षेत्र में भी बदहाल स्थिति
शुजालपुर विकासखंड के ग्राम भीलखेड़ी में फर्नीचर न होने की वजह से छात्र जमीन पर बैठकर हिंदी का पेपर हल करते रहे। बीईओ डीएस मालवीय ने बताया कि वाहन समय पर उपलब्ध न होने की वजह से फर्नीचर नहीं पहुंच पाया। बाद में उन्होंने समस्या के समाधान का दावा किया।
जिले में नकल का मामला नहीं
बीईओ ने बताया कि शुजालपुर विकासखंड के 38 परीक्षा केंद्रों पर कुल 3660 छात्र (5वीं) और 3590 छात्र (8वीं) पंजीकृत हैं। आकस्मिक जांच में कहीं भी नकल की घटना सामने नहीं आई।
5 प्वॉइंट में पूरा मामला
पिपलिया गोपाल माध्यमिक विद्यालय में बच्चों को टाटपट्टी पर बैठकर हिंदी का पेपर हल करना पड़ा।
परीक्षा कक्ष की जर्जर छत से पानी टपकने लगा, जिसे रोकने के लिए स्कूल स्टाफ ने बाल्टी और मग का इस्तेमाल किया।
यही स्कूल हाल ही में छात्रों से शौचालय साफ कराने के विवाद में सुर्खियों में था।
शुजालपुर के भीलखेड़ी में फर्नीचर न होने के कारण छात्र जमीन पर बैठकर परीक्षा दे रहे थे।
बीईओ ने फर्नीचर की कमी का कारण ‘वाहन उपलब्ध न होना’ बताया, बाद में समाधान का दावा किया।
