
नागपुर: महाराष्ट्र में 12वीं कक्षा की परीक्षा के दौरान केमिस्ट्री (रसायन विज्ञान) का पेपर व्हाट्सएप पर लीक होने की घटना सामने आई है। यह मामला नागपुर के सेंट उर्सुला गर्ल्स हाई स्कूल और जूनियर कॉलेज से जुड़ा है। घटना के बाद बोर्ड और पुलिस दोनों ही सतर्क हो गए हैं।
पुलिस को प्रारंभिक जांच में शक है कि पेपर लीक में एक प्राइवेट कोचिंग संचालक का हाथ हो सकता है। नागपुर पुलिस ने इस मामले में सदर थाने में एफआईआर दर्ज की है और असली दोषी की तलाश जारी है।
क्या हुआ था?
महाराष्ट्र बोर्ड की 12वीं कक्षा की केमिस्ट्री परीक्षा 18 फरवरी 2026 को हुई थी। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, एक छात्रा को बार-बार वॉशरूम जाते देखा गया। उसकी जाँच में पता चला कि उसके स्मार्टफोन में पेपर और संभावित उत्तर व्हाट्सएप पर सर्कुलेट किए जा रहे थे।
इसके अलावा, जांच में यह भी सामने आया कि 16 फरवरी को हुई फिजिक्स की परीक्षा का पेपर भी लीक हुआ था।
बोर्ड ने जारी किए सख्त निर्देश
महाराष्ट्र में स्कूल बोर्ड की परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए कड़े निर्देश दिए गए हैं।
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छात्रों को आईडी कार्ड अनिवार्य रूप से लाना होगा।
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परीक्षा केंद्र पर सभी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जैसे स्मार्टफोन, ब्लूटूथ डिवाइस, ईयरफोन या पेजर ले जाने पर रोक है।
फिर भी नागपुर में केमिस्ट्री और फिजिक्स पेपर लीक होने की घटना ने बोर्ड की चिंता बढ़ा दी है।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि आरोपी छात्रा के फोन की जांच जारी है। इसके साथ ही, कोचिंग संचालक और अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेने की कवायद चल रही है, ताकि पता लगाया जा सके कि पेपर लीक का असली मास्टरमाइंड कौन है।
महाराष्ट्र में शिक्षा विभाग की निगरानी में बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं। राज्य के शिक्षा मंत्री दादा भुसे (शिवसेना) इस मामले पर निगाह बनाए हुए हैं।
