
नई दिल्ली: दिल्ली मेट्रो (DMRC) फेज-5 (A) में एक मेगा प्लान पर काम कर रही है। इस योजना के लागू होते ही लगभग 2.5 लाख लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन को ट्रिपल इंटरचेंज स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे येलो, वायलेट और मजेंटा लाइन से यात्री सीधे जुड़ सकेंगे।
मुख्य पहल:
- केंद्रीय सचिवालय स्टेशन वर्तमान में येलो और वायलेट लाइन का इंटरचेंज स्टेशन है।
- फेज-5 (A) के तहत मजेंटा लाइन को रामकृष्ण आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक बढ़ाया जाएगा।
- कर्तव्य पथ और आसपास के सभी कार्यालय मेट्रो नेटवर्क से जुड़ जाएंगे।
- इस बदलाव से केंद्रीय मंत्रालयों में काम करने वाले सरकारी कर्मचारियों और आगंतुकों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।
सुविधा सुधार:
- DMRC ने ब्लू लाइन के छह स्टेशनों (अक्षरधाम, मयूर विहार फेज-1, मयूर विहार एक्सटेंशन, न्यू अशोक नगर, नोएडा सेक्टर-15, 16 और 18) पर एस्केलेटर्स की मरम्मत का काम शुरू किया है।
- मरम्मत के दौरान यात्रियों से कुछ असुविधा हो सकती है।
फेज-5 का बड़ा प्लान:
- दिल्ली-एनसीआर में 18 नए मेट्रो कॉरिडोर बनाने की योजना।
- योजना ऐसी बनाई गई है कि हर नागरिक के घर के करीब 400-500 मीटर में मेट्रो स्टेशन उपलब्ध हो।
- नेटवर्क की सभी लाइनें इस तरह जुड़ी जाएंगी कि शहर के किसी भी हिस्से से दूसरे इलाके तक आसानी से पहुंचा जा सके।
- फेज-5 के पहले चरण के तीन प्राथमिक कॉरिडोर को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है, और अब दूसरे चरण के 18 कॉरिडोर्स की मंजूरी के लिए काम चल रहा है।
इस बड़े प्लान से दिल्ली मेट्रो की सुविधा और कनेक्टिविटी में सुधार होगा और यात्रियों को समय की बचत के साथ बेहतर सुविधा मिलेगी।