
पुणे/मुंबई। महाराष्ट्र के राजनीतिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को राजनीतिक उत्तराधिकारी के रूप में आगे बढ़ाने का संकेत दिया है। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल और वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने स्पष्ट किया है कि सुनेत्रा पवार को राज्य का नया उपमुख्यमंत्री बनाए जाने का प्रस्ताव भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को सौंपा जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, एनसीपी नेतृत्व ने सुनेत्रा पवार से मुलाकात कर उनसे उपमुख्यमंत्री पद संभालने का आग्रह किया है। फिलहाल सुनेत्रा पवार राज्यसभा की सदस्य हैं। यदि उन्हें डिप्टी सीएम बनाया जाता है, तो वे अजित पवार की परंपरागत बारामती विधानसभा सीट से चुनाव लड़कर विधायक बन सकती हैं।
एनसीपी के महाराष्ट्र विधानसभा में कुल 41 विधायक हैं और पार्टी नेतृत्व का मानना है कि सुनेत्रा पवार के नेतृत्व से संगठन को स्थिरता और निरंतरता मिलेगी। पवार परिवार में वे वरिष्ठता के लिहाज से प्रमुख स्थान रखती हैं और उम्र में भी सुप्रिया सुले से बड़ी हैं।
राजनीतिक और शैक्षणिक पृष्ठभूमि
सुनेत्रा पवार ने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय, औरंगाबाद से वर्ष 1983 में बी.कॉम की पढ़ाई पूरी की। उनका विवाह 1985 में अजित पवार से हुआ। वे विद्या प्रतिष्ठान की ट्रस्टी हैं और वर्ष 2017 से सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय की सीनेट सदस्य भी रही हैं। उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
सुनेत्रा पवार पूर्व राज्य मंत्री और लोकसभा सांसद पद्मसिंह पाटिल की पुत्री हैं। उनका जन्म 18 अक्टूबर 1963 को उस्मानाबाद (वर्तमान धाराशिव) में हुआ था। वे सामाजिक कार्यों से भी सक्रिय रूप से जुड़ी रही हैं और बारामती टेक्सटाइल कंपनी की अध्यक्ष तथा एनवायरनमेंटल फोरम ऑफ इंडिया की सीईओ हैं।
उनके दो पुत्र—पार्थ पवार और जय पवार—हैं। अजित पवार के निधन के बाद दोनों पुत्रों ने ही उन्हें मुखाग्नि दी थी।
राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि यदि सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी जाती है, तो यह न केवल एनसीपी बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति में भी एक नया अध्याय साबित हो सकता है।