
मॉस्को।
सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा पिछले चार महीनों में दूसरी बार रूस का दौरा कर मॉस्को पहुंचे। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से हुई मुलाकात में दोनों नेताओं ने सीरिया की क्षेत्रीय अखंडता और स्थिरता पर चर्चा की। यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब पुतिन सीरिया में रूसी सैन्य बेसों और रणनीतिक हितों को सुरक्षित करना चाहते हैं।
शरा-असद का मॉस्को में सह-अस्तित्व
दिलचस्प यह है कि शरा के कट्टर विरोधी, पूर्व राष्ट्रपति बशर अल असद, अभी भी मॉस्को में मौजूद हैं। दिसंबर 2024 में दमिश्क पर नियंत्रण खोने के बाद असद अपनी पत्नी के साथ रूस भाग गए थे। पुतिन ने अपने पुराने सहयोगी असद को शरण दी हुई है, जबकि शरा लगातार असद के प्रत्यर्पण के लिए दबाव डालते रहे हैं।
शरा-पुतिन की मुलाकात
मुलाकात के दौरान पुतिन ने शरा से कहा,
“मैं आपको बधाई देना चाहता हूं कि सीरिया की क्षेत्रीय अखंडता को बहाल करने की प्रक्रिया में गति आ रही है।”
वहीं शरा ने रूस की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि रूस सीरिया और पूरे क्षेत्र में स्थिरता स्थापित करने में महत्वपूर्ण है।
हाल के दिनों में सीरिया की सरकारी सेनाएं अमेरिका समर्थित कुर्द नियंत्रित क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ी हैं, जिससे शरा और पुतिन की रणनीतिक बातचीत और महत्वपूर्ण बन गई है।
इतिहास और विरोधी खेमे
सीरिया में एक दशक से अधिक चले गृह युद्ध में शरा और पुतिन पहले विरोधी खेमों में थे। पुतिन ने असद का समर्थन किया और विद्रोहियों के खिलाफ सैन्य मदद दी। इस दौरान रूस ने सीरिया में अपनी मजबूत सैन्य उपस्थिति बनाई, लेकिन अब पुतिन दो विरोधी नेताओं के बीच संतुलन साधने की रणनीति अपना रहे हैं।
रूसी सैन्य स्थिति
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने बताया कि मुलाकात में सीरिया में रूसी सैनिकों की मौजूदगी पर भी चर्चा हुई। इसी सप्ताह रॉयटर्स ने रिपोर्ट किया कि रूस ने कुर्द नियंत्रित उत्तर-पूर्वी सीरिया के कामिशली हवाई अड्डे से सैनिकों को वापस बुला लिया है। अब रूस के पास भूमध्यसागरीय तट पर केवल हेइमिम एयर बेस और टार्टस नेवल बेस शेष हैं।
निष्कर्ष
पुतिन की यह रणनीति केवल शांति स्थापित करने की नहीं, बल्कि सीरिया में रूस के रणनीतिक हितों की सुरक्षा की दिशा में निर्णायक कदम है। मॉस्को में शरा और असद की मौजूदगी यह दर्शाती है कि रूस दो विरोधी नेताओं के बीच संतुलन बनाए रखकर अपने क्षेत्रीय दबदबे को मजबूत करना चाहता है।