
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चल रहे विवाद अब दिल्ली तक पहुँच गया है। भारतीय निर्वाचन आयोग ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके प्रतिनिधिमंडल को 2 फरवरी को शाम 4 बजे ‘निर्वाचन सदन’ में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलने के लिए आमंत्रित किया है।
टीएमसी का आरोप है कि पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया बीजेपी को लाभ पहुँचाने के लिए पक्षपातपूर्ण तरीके से की जा रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस मुद्दे को चुनाव आयोग के सामने रखकर राज्य में मतदाता अधिकारों के उल्लंघन की शिकायत करेंगी।
ममता ने लगाए थे गंभीर आरोप
राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर 25 जनवरी को ममता बनर्जी ने कहा था कि राज्य के लगभग 1.5 करोड़ मतदाताओं के दस्तावेजों में विसंगतियां पाई गई हैं या उन्हें 2002 की वोटर लिस्ट से नहीं जोड़ा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग बीजेपी के इशारे पर लोगों के वोट देने के अधिकार को रोकने में व्यस्त है। 85 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं को अपनी पहचान साबित करने के लिए बुलाया जा रहा है, जिससे तनाव और आत्महत्या जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं। टीएमसी का दावा है कि SIR के बहाने आयोग राज्य में एनआरसी लागू करने की कोशिश कर रहा है, जिसमें खासकर अल्पसंख्यक और कमजोर वर्ग प्रभावित हो रहे हैं।
पहले भी जताया था विरोध
ममता बनर्जी पहले भी मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर SIR प्रक्रिया पर आपत्ति जता चुकी हैं। नवंबर 2025 में शुरू हुई इस प्रक्रिया को लेकर राज्य में चुनाव आयोग और टीएमसी के बीच लगातार तनातनी बनी हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने टीएमसी की याचिका पर चुनाव आयोग को अपने सॉफ्टवेयर की गलतियों की सूची प्रकाशित करने का आदेश दिया था।
बंगाल में सियासी मुकाबला
पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी और TMC नेताओं के बीच मुकाबला तेज है। पीएम नरेंद्र मोदी ने हाल ही में सिंगूर में जनसभा की थी, जिसके जवाब में ममता बनर्जी ने उसी स्थान पर रैली कर पीएम मोदी पर सिंगूर में कोई भी उद्योग स्थापित न करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगूर में खेती और उद्योग दोनों को बढ़ावा मिलेगा और अमेज़न, फ्लिपकार्ट सहित एक प्राइवेट इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किया जाएगा, जिससे हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा।