

आगरा।
यूपी की ताजनगरी आगरा गुरुवार सुबह गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठी। चर्चित रंगबाज राज चौहान मर्डर केस में पुलिस ने तीन अलग-अलग स्थानों पर अपराधियों के साथ मुठभेड़ की। इस एनकाउंटर में मुख्य आरोपी अरबाज खान उर्फ मंसूरी को ढेर कर दिया गया, जबकि अन्य दो बदमाश मोहित पंडित और आशु घायल हो गए। दोनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। इस दौरान दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।

राज चौहान की हत्या और गैंग की बढ़ती ताकत
23 जनवरी को ट्रांस यमुना इलाके में वर्चस्व की लड़ाई के दौरान राज चौहान की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। राज चौहान के ऊपर हत्या समेत तीन मुकदमे दर्ज थे। बीते दिसंबर में जेल से रिहा होने के बाद वह बार-बार शक्ति प्रदर्शन कर रहा था और जुलूस निकाल रहा था, जिसके चलते उस पर नए मुकदमे भी दर्ज हुए।
जेल से निकलने के बाद निकाले गए जुलूस में लगभग दो सौ समर्थक शामिल हुए, जिनके साथ दर्जनों कारें और 40 बाइकें थीं। बताया जा रहा है कि राज चौहान का गैंग लगातार बड़ा हो रहा था और उसके साथ हमेशा कई साथी रहते थे।
अरबाज खान ने दरोगा की पिस्टल छीनकर की फायरिंग
राज चौहान की हत्या के बाद आगरा पुलिस ने 9 टीमों को अपराधियों की तलाश में लगाया था। पुलिस ने अरबाज खान को पकड़ लिया और उसे घटना में प्रयुक्त तमंचे की बरामदगी के लिए ले जा रही थी।
पुलिस के मुताबिक, इस दौरान अरबाज खान ने एक दरोगा की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की और पुलिसकर्मियों पर फायरिंग शुरू कर दी। इस फायरिंग में सिपाही मनोज कुमार और ऋषि घायल हो गए। वहीं, हरेन्द्र कुमार (थाना प्रभारी ट्रांस यमुना) और निरीक्षक भानु प्रताप (थाना प्रभारी कोतवाली) के बुलटप्रूफ जैकेट पर एक-एक गोली लगी।
जवाबी कार्रवाई में मुख्य आरोपी ढेर
पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए अरबाज खान को ढेर कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि इससे राज चौहान हत्याकांड में शामिल अन्य अपराधियों की तलाश और उनके खिलाफ कार्रवाई तेज होगी।


