
मुंबई: महाराष्ट्र के डेप्युटी मुख्यमंत्री अजित पवार के प्लेन क्रैश में उनकी मौत के साथ ही विमान में मौजूद कैप्टन शांभवी पाठक भी जीवन की अंतिम सांस ले गईं। महज 25 साल की उम्र में अपने करियर के चरम पर पहुंची शांभवी पाठक का अचानक निधन पूरे एविएशन समुदाय के लिए झटका है।
शांभवी पाठक कौन थीं?
शांभवी पाठक ने अपने उड़ान के सपनों की शुरुआत ग्वालियर स्थित नंबर 1 एयर फोर्स स्कूल से की थी। इसके बाद उन्होंने मुंबई यूनिवर्सिटी से एयरोनॉटिक्स, एविएशन और एयरोस्पेस विज्ञान में बीएससी की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने न्यूजीलैंड इंटरनेशनल कमर्शियल पायलट अकादमी से कठोर प्रशिक्षण प्राप्त किया और 2018-19 के बीच न्यूजीलैंड नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (NZ CAA) और भारत के DGCA दोनों से कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) प्राप्त किया।
प्रशिक्षक और मार्गदर्शक:
शांभवी पाठक ने मध्य प्रदेश फ्लाइंग क्लब में सहायक उड़ान प्रशिक्षक के रूप में भी कार्य किया और उनके पास उड़ान प्रशिक्षक रेटिंग (ए) थी। वह न केवल खुद पायलट बनने के लिए समर्पित थीं, बल्कि भावी पायलटों को प्रशिक्षित करने के लिए भी काम कर रही थीं।
परिवार और नाता:
शांभवी पाठक का परिवार दिल्ली में रहता था। उनके माता-पिता रोली शुक्ला पाठक और उनके छोटे भाई वरुण हैं। उनका ननिहाल उत्तर प्रदेश के कानपुर में है।
हादसे का मंजर:
बुधवार सुबह लगभग 8:45 बजे, कैप्टन शांभवी पाठक, पायलट-इन-कमांड कैप्टन सुमित कपूर के साथ कॉकपिट क्रू का हिस्सा थीं। दिल्ली स्थित चार्टर फर्म VSR एविएशन द्वारा संचालित यह लीयरजेट 45 विमान, अजित पवार, उनके पीएसओ विदित जाधव और सहायक पिंकी माली को बारामती हवाई अड्डे पर कई राजनीतिक कार्यक्रमों में ले जा रहा था। लैंडिंग के समय तकनीकी खराबी के कारण विमान अनियंत्रित हो गया, रनवे से भटककर आग पकड़ ली और हादसा इतना भयंकर था कि मौके पर ही सभी की मौत हो गई।
शिक्षा और करियर का संक्षिप्त सार:
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2016-2018: ग्वालियर एयर फोर्स स्कूल
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मुंबई यूनिवर्सिटी: B.Sc. एयरोनॉटिक्स/एविएशन/एयरोस्पेस विज्ञान
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न्यूज़ीलैंड इंटरनेशनल कमर्शियल पायलट अकादमी से प्रशिक्षण
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2022 में प्रशिक्षित कमर्शियल पायलट
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मध्य प्रदेश फ्लाइंग क्लब में सहायक उड़ान प्रशिक्षक
शांभवी पाठक का यह अचानक निधन एविएशन और राजनीतिक क्षेत्र दोनों में भारी शोक लेकर आया है।