
मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति को झकझोरने वाला दुखद समाचार बुधवार सुबह सामने आया। राज्य के डेप्युटी मुख्यमंत्री अजित पवार का पुणे जिले के बारामती इलाके में विमान हादसे में निधन हो गया। इस हादसे में अजित पवार समेत चार अन्य लोगों की भी मौत हुई। उनके अचानक निधन से पूरे राज्य में शोक का माहौल है।
अजित पवार का अधूरा सपना
छह बार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद का कार्यभार संभालने वाले अजित पवार का एक सपना अधूरा रह गया — मुख्यमंत्री बनने की ख्वाहिश। साल 2010 से लेकर अब तक उन्होंने कई बार उपमुख्यमंत्री पद संभाला, लेकिन मुख्यमंत्री बनने का अवसर उन्हें कभी नहीं मिला।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के दौरान भी पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता अजित पवार को मुख्यमंत्री बनाने की मांग करते रहे। पोस्टर और बैनर के माध्यम से यह ख्वाहिश सार्वजनिक भी की गई। पिछले साल महाराष्ट्र दिवस के अवसर पर आयोजित ‘गौरवशाली महाराष्ट्र’ कार्यक्रम में अजित पवार ने कहा था, “अब तक मुझे मुख्यमंत्री बनने का मौका नहीं मिला, लेकिन भविष्य में शायद यह सपना पूरा हो जाए।”
शिंदे-बीजेपी गठबंधन पर बयान
अजित पवार ने इससे पहले भी मुख्यमंत्री पद को लेकर कई बार अपनी राय रखी थी। उन्होंने कहा था कि यदि उन्हें पहले से पता होता कि मुख्यमंत्री पद मिलने वाला है, तो वे सभी एनसीपी विधायकों के साथ उसी समय बीजेपी के साथ चले जाते। यह बयान शिवसेना में फूट के बाद आया था, जब एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनाकर राजनीतिक समीकरण बदल दिए गए थे।
प्लेन क्रैश और राजनीतिक झटका
अजित पवार का चार्टर्ड विमान बुधवार सुबह बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार सभी लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा झटका है, खासकर जिला परिषद चुनावों के प्रचार के बीच। अजित पवार राज्य के प्रमुख और प्रभावशाली नेता थे, और उनके निधन से पार्टी और सरकार दोनों को गहरा आघात लगा है।
विमान हादसे की वजहों की जांच के लिए संबंधित एजेंसियां मामले की तस्दीक में जुटी हुई हैं