
राजगढ़।
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले की पीपलहैला ग्राम पंचायत में गणतंत्र दिवस समारोह उस वक्त चर्चा का केंद्र बन गया, जब गांव के सरपंच ने मंच से ऐसा ऐलान कर दिया कि पूरा गांव हैरान रह गया। नहर का पानी खेतों तक नहीं पहुंचने से नाराज ग्रामीणों के सवालों के बीच सरपंच रामचंद्र नागर ने सार्वजनिक रूप से ऐसी शपथ ली, जो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है।
सरपंच ने मंच से घोषणा की—
“अगर मेरे कार्यकाल में गांव के हर खेत तक पानी नहीं पहुंचा, तो मैं हरिद्वार जाकर बाबा बन जाऊंगा और तपस्या करूंगा।”
ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान दिया बयान
यह मामला 26 जनवरी गणतंत्र दिवस का है। पीपलहैला गांव के शासकीय स्कूल परिसर में ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसी दौरान ग्रामीणों ने वर्षों से लंबित नहर जल आपूर्ति का मुद्दा उठाया, जिस पर सरपंच भावुक हो गए और मंच से यह अनोखा वादा कर बैठे।
गांव को साक्षी मानकर ली प्रतिज्ञा
सरपंच रामचंद्र नागर ने पूरे गांव को साक्षी मानते हुए कहा—
“ईश्वर की सौगंध है, यदि मेरे कार्यकाल में आपके गांव के हर खेत में पानी नहीं पहुंचा, तो मैं हरिद्वार जाकर बाबाजी बनूंगा। लेकिन भरोसा रखिए, मेरे रहते गांव के खेत प्यासे नहीं रहेंगे।”
उनके इस बयान पर कुछ पल के लिए मंच पर सन्नाटा छा गया, लेकिन बाद में यही वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।
आंदोलन की जरूरत नहीं—सरपंच
सरपंच ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि पानी को लेकर किसी प्रकार का आंदोलन या हड़ताल करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संकल्प है कि हर खेत तक पानी पहुंचे, और उसी दिशा में वे पूरी ताकत से काम कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर तेज बहस
सरपंच के इस “फिल्मी अंदाज” वाले बयान का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कोई इसे जनप्रतिनिधि का जज़्बा और आत्मविश्वास बता रहा है, तो कोई इसे भावनात्मक राजनीति करार दे रहा है।
हालांकि इतना तय है कि इस एक बयान ने गांव की पानी की समस्या को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
अब नजरें कार्यकाल पर
ग्रामीणों का कहना है कि वादे और शपथ से ज्यादा जरूरी है नहर का पानी खेतों तक पहुंचना। अब पूरे गांव की नजरें सरपंच के कार्यकाल पर टिकी हैं—
क्या वाकई हर खेत तक पानी पहुंचेगा, या यह बयान केवल वायरल वीडियो बनकर रह जाएगा?