
शामली (राहुल पराशर) – उत्तर प्रदेश के शामली जिले के जलालाबाद कस्बे के गांव आहता गौसगढ़ की ग्राम प्रधान संगीता रोड फिर सुर्खियों में हैं। उनके नेतृत्व में गांव के स्कूल में बच्चों की उपस्थिति और शिक्षा के प्रति अभिभावकों का नजरिया पूरी तरह बदल गया है।
संगीता रोड ने स्कूल की अनुपस्थिति की गंभीर समस्या को गंभीरता से लिया और एक अनूठा प्रयोग किया। उन्होंने घोषणा की कि जो छात्र अगले तीन माह तक 100 फीसदी कक्षाओं में उपस्थित रहेगा, उसे पुरस्कार मिलेगा। इस योजना में लॉटरी के जरिए वॉशिंग मशीन का इनाम रखा गया, जिसने बच्चों और अभिभावकों को उत्साहित कर दिया।
तीन माह की निगरानी में 41 बच्चों ने शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की। इसके बाद ग्राम प्रधान ने वादा निभाते हुए कक्षा दो के छात्र अनुराग पुत्र सुशील को वॉशिंग मशीन और बाकी 40 बच्चों को 500 रुपये तक के उपहार प्रदान किए। स्कूल में कुल 162 बच्चों का एडमिशन है।
स्कूल में बढ़ी रौनक
थानाभवन ब्लॉक क्षेत्र के कंपोजिट स्कूल में पहले बच्चों की अनुपस्थिति एक बड़ी समस्या थी। गणतंत्र दिवस 2025 पर 100 फीसदी उपस्थिति वाले बच्चों के लिए पुरस्कार की घोषणा के बाद स्कूल में रौनक लौट आई। गायब रहने वाले बच्चे भी अब नियमित स्कूल आने लगे।
अभिभावकों का रुझान भी बदला
इस पहल से अभिभावक भी बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान देने लगे। जो माता-पिता पहले अनदेखी करते थे, अब वे अपने बच्चों को नियमित स्कूल भेजने लगे।
नशे के खिलाफ भी काम
संगीता रोड ने युवाओं को शराब और नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया। गांव में अवैध शराब बेचने वालों की जानकारी देने पर 11 हजार रुपये का इनाम रखा गया। उन्होंने दौड़ प्रतियोगिताओं और अन्य गतिविधियों के जरिए युवाओं को नशा छोड़ कर करियर पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।
ग्राम प्रधान संगीता रोड ने कहा, “हमारा मकसद केवल इनाम बांटना नहीं है। शिक्षा ही विकास की असली कुंजी है। माता-पिता को प्रोत्साहित किया जाए, तो वे बच्चों की पढ़ाई को प्राथमिकता देने लगते हैं।”
संगीता रोड की पहल ने यह साबित कर दिया है कि सकारात्मक सोच और ठोस कदमों से बदलाव लाना संभव है।