
शाजापुर: मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में मंगलवार को अचानक हुई भीषण ओलावृष्टि ने जिले में हड़कंप मचा दिया। तेज आंधी और कड़ाके की ठंड के बीच गिरे ओले इतने बड़े थे कि हाईवे और सड़कें पूरी तरह से बर्फ की चादर में ढक गईं। नजारा कुछ ऐसा था जैसे कोई ‘मिनी कश्मीर’ शहर में उतर आया हो। इस दौरान वाहनों की रफ्तार थम गई और लोग सुरक्षित स्थान की ओर भागते दिखे।
ओलावृष्टि और बारिश से जनजीवन प्रभावित
शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक हुई ओलावृष्टि ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। सड़क किनारे लगे बैनर-पोस्टर उखड़ गए और मवेशी भी मौसम की मार से बचने के लिए इधर-उधर दौड़े। ओलों के बाद करीब 10 मिनट तक तेज बारिश भी हुई, जिससे हाईवे पर आवागमन ठप हो गया।
किसानों की फसलें बर्बाद
जिले के मोहन बड़ोदिया, बोलाई, चौमा, बरनावद, निपानिया, मांगलिया और सागड़िया सहित कई गांवों में बेर और नींबू बराबर बड़े ओले गिरे। किसानों ने बताया कि खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह जमीन पर बिछ गई है। किसान अवधेश और नरेंद्र ने कहा कि इस बेमौसम ओलावृष्टि से पैदावार पर भारी असर पड़ा है और नुकसान की संभावना है।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विशेषज्ञ सत्येंद्र धनोतिया ने बताया कि मौसम फिलहाल सामान्य होने का संकेत नहीं दे रहा है। बुधवार को भी इसी तरह के ओले और आंधी की संभावना बनी हुई है। प्रशासन और मौसम विभाग ने किसानों और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है। सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 27.2 डिग्री और न्यूनतम 16.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
अगले 24 घंटे में सतर्क रहें
मौसम में आई नमी और ठंड के कारण तापमान में गिरावट आई है, जिससे लोगों को हल्की गर्मी से राहत मिली, लेकिन ओलावृष्टि की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी है।