
भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने मंगलवार को कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पचमढ़ी नगर के विकास, सिंचाई परियोजनाओं और टाइगर रिजर्व के बफर जोन में 390 करोड़ रुपये की नई योजना सहित कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी।
राज्य सरकार के एमएसएमई मंत्री चैतन्य कश्यप ने बैठक के निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पचमढ़ी नगर को पचमढ़ी अभयारण्य से अलग करने का प्रस्ताव वन विभाग द्वारा प्रस्तुत किया गया था, जिसे अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार संशोधित कर मंजूरी दी गई है। इसके बाद पचमढ़ी नगर अब पचमढ़ी अभयारण्य से बाहर कर दिया गया है।
कैबिनेट ने टाइगर रिजर्व के बफर जोन में 390 करोड़ रुपये की योजना बनाने और विकास कार्य शुरू करने का भी निर्णय लिया है। यह योजना भी सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुरूप लागू होगी।
कैबिनेट की अन्य अहम मंजूरियाँ:
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जल संसाधन विभाग के प्रस्ताव पर तवा परियोजना की दाईं तट नहर से पिपरिया ब्रांच केनाल होज सिंचाई परियोजना को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई, जिससे नरसिंहपुर जिले को लाभ मिलेगा।
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जनजातीय कार्य विभाग के 15 परियोजनाओं को आगामी वर्षों में चालू रखने की मंजूरी।
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पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के प्रस्ताव पर बेरोजगार युवाओं को विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने की योजना 2022 के प्रावधानों में संशोधन।
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सिवनी जिले के सिमरिया गांव की 0.60 हेक्टेयर भूमि पर वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन द्वारा निर्माण पर मुआवजा देने का प्रस्ताव।
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सहकारिता विभाग के रिटायर संयुक्त आयुक्त मनोज कुमार सिन्हा को एक वर्ष की संविदा नियुक्ति।
कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री ने अपने हाल ही के विदेश दौरे की जानकारी भी सदस्यों को दी।