
सिद्धार्थनगर।
उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर में कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी मामले में वाराणसी पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने बड़ी कार्रवाई की है। तस्करी के मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के तीन साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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गिरफ्तारी की कार्रवाई
मंगलवार सुबह सिद्धार्थनगर में तीनों आरोपियों को पकड़ लिया गया। इसके पहले इनके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया गया था। पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपी नेपाल भागने की तैयारी में थे, लेकिन वाराणसी पुलिस ने समय रहते उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शामिल हैं:
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विकास सिंह नरवे (आजमगढ़, बरदह थाना क्षेत्र, नरवे गांव)
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आकाश पाठक (मैदागिर गोलघर, सिद्धमाता गली)
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अंकित श्रीवास्तव (विकास का साथी)
विशेष रूप से विकास सिंह नरवे की गिरफ्तारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उसे नेपाल बॉर्डर से अरेस्ट किया गया। विकास के खिलाफ लुक आउट नोटिस और रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए गए थे।
तस्करी सिंडिकेट में विकास का अहम रोल
जांच में सामने आया कि विकास सिंह सिंडिकेट में प्रमुख भूमिका निभा रहा था। उसने बड़ागांव में देवनाथ फार्मेसी नाम से बोगस फर्म खोली थी। पूछताछ में पता चला कि विकास ने शुभम से अमित सिंह टाटा और बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह से मुलाकात कराई, जिससे तस्करी का नेटवर्क और मजबूत हुआ।
विकास सिंह ने कई प्रभावशाली लोगों को इस सिंडिकेट में शामिल कराया और शुभम जायसवाल की ब्लैक मनी के लेन-देन को संभाला। अंकित श्रीवास्तव भी विकास के जरिए इस अवैध धंधे में शामिल हुआ।
फर्जी फर्म की पहचान
एसआईटी प्रमुख डीसीपी क्राइम सरवणन टी ने बताया कि आकाश और शुभम की साझेदारी में एक फर्म मेड रेमेडी लाइफकेयर प्राइवेट लिमिटेड खोली गई थी। फर्म फर्जी तरीके से चल रही थी और इसके माध्यम से कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी की जा रही थी।
आगे की कार्रवाई
सिद्धार्थनगर के एसएसपी डॉ. अभिषेक महाजन ने बताया कि एसआईटी ने आरोपियों को मोहाना थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया और अब तीनों को अपनी हिरासत में ले लिया है। विकास के खिलाफ वाराणसी, जौनपुर और आजमगढ़ में कई मामले दर्ज हैं।
एसआईटी ने कहा है कि तस्करी के इस व्यापक नेटवर्क में शामिल सभी आरोपियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह गिरफ्तारी सिद्धार्थनगर और आसपास के जिलों में कोडीन सिरप तस्करी के मामले में पुलिस की सक्रियता को दर्शाती है और अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने का संदेश देती है।