
नई दिल्ली: भारतवंशी एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स ने NASA में 27 साल की लंबी सेवा के बाद रिटायरमेंट ले लिया है। 60 वर्षीय सुनीता ने अंतरिक्ष में तीन मिशन पूरे किए और इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर कुल 608 दिन बिताए। उन्होंने नौसेना की ओर से 9 बार स्पेसवॉक किया और महिलाओं के बीच सबसे लंबा 62 घंटे 6 मिनट का स्पेसवॉक रिकॉर्ड बनाया।
सुनीता विलियम्स ने अपने करियर की शुरुआत यूएस नेवल अकादमी से बैचलर ऑफ साइंस इन फिजिकल साइंस की डिग्री से की। इसके बाद अमेरिकी नौसेना में नेवल एविएटर के तौर पर काम किया, हेलिकॉप्टर उड़ाने की ट्रेनिंग ली और कई सैन्य अभियानों में हिस्सा लिया। 1995 में उन्होंने फ्लोरिडा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से मास्टर ऑफ साइंस इन इंजीनियरिंग मैनेजमेंट की डिग्री पूरी की और फिर नेवल टेस्ट पायलट स्कूल में ट्रेनिंग ली। जून 1998 में उन्हें NASA एस्ट्रोनॉट प्रोग्राम में चुना गया।
NASA के अनुसार, एस्ट्रोनॉट बनने के लिए जरूरी योग्यताएँ:
STEM (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, मैथ्स) क्षेत्र में मास्टर डिग्री।
इंजीनियरिंग की फील्ड (केमिकल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, सिविल) या बायोलॉजिकल/फिजिकल साइंस, कंप्यूटर साइंस, मैथ्स में शिक्षा।
पायलट के रूप में कम से कम 1000 घंटे का उड़ान अनुभव, जिसमें 850 घंटे फाइटर प्लेन उड़ाने का होना चाहिए।
सुनीता विलियम्स ने अपनी मेहनत और पढ़ाई से दिखाया कि सही तैयारी और समर्पण से अंतरिक्ष तक का सफर संभव है।