Saturday, February 14

कफ सिरप कांड में बड़ा खुलासा: विसरा रिपोर्ट में ‘डाई एथिलीन ग्लाइकॉल’ की पुष्टि, 24 बच्चों की गई थी जान

छिंदवाड़ा/बैतूल, 14 फरवरी 2026: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा और बैतूल जिलों में 24 मासूमों की जान लेने वाले जहरीले कफ सिरप मामले में वैज्ञानिक पुष्टि हो गई है। हाल ही में आई विसरा रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि बच्चों की मौतों का कारण ‘कोल्ड्रिफ’ कफ सिरप में मौजूद डाई एथिलीन ग्लाइकॉल था।

This slideshow requires JavaScript.

मामूली सर्दी-जुकाम, इलाज बना जानलेवा

सेप्टेम्बर 2025 में हुई इस घटना में बच्चों को सर्दी, खांसी और बुखार जैसी सामान्य शिकायत थी। परिजन उन्हें परासिया के एक सरकारी डॉक्टर के निजी क्लीनिक में इलाज के लिए ले गए। वहां कोल्ड्रिफ कफ सिरप लेने की सलाह दी गई।

लेकिन कुछ दिनों में बच्चों की हालत बिगड़ने लगी। उल्टी, पेशाब कम होना और शरीर में सूजन जैसी गंभीर समस्याएं सामने आईं। कई बच्चों की किडनी ने काम करना बंद कर दिया और 24 मासूमों की जान चली गई।

विसरा रिपोर्ट में खुलासा

एसआईटी प्रभारी जितेंद्र सिंह जाट ने बताया कि मृत बच्चों के आंतरिक अंगों की जांच में डाई एथिलीन ग्लाइकॉल की पुष्टि हुई है। यह जहरीला तत्व किडनी पर सीधा असर डालता है और अंगों को फेल कर देता है। जांच में पाया गया कि कोल्ड्रिफ कफ सिरप में यह केमिकल निर्धारित मात्रा से अधिक था, जिससे मौतें हुईं।

आरोपी और कार्रवाई

इस मामले में कुल 11 लोग गिरफ्तार किए गए हैं, जिनमें सिरप बनाने वाली कंपनी श्रीसन फार्मा के मालिक रंगनाथन, दवा लिखने वाले डॉक्टर प्रवीण सोनी, स्टॉकिस्ट और केमिकल एनालिस्ट शामिल हैं। सभी आरोपी जेल में हैं

आगे की कार्रवाई

एसआईटी प्रभारी ने बताया कि विसरा रिपोर्ट के आधार पर सप्लीमेंट्री चार्जशीट अदालत में पेश की जाएगी, जिसमें नए वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ और मजबूत धाराएं जोड़ी जा सकती हैं।

Leave a Reply