
चेन्नई, 14 फरवरी 2026:
तमिलनाडु विधानसभा चुनावों की आहट के बीच मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। उन्होंने घोषणा की है कि राज्य की 1.31 करोड़ महिलाओं के खाते में एकसाथ 5,000 रुपये जमा किए जाएंगे। यह राशि कलैगनार मगलिर उरिमै थोगाई योजना के तहत दी जाएगी, जिसमें मासिक 3,000 रुपये और समर सहायता के रूप में 2,000 रुपये शामिल हैं।
महिलाओं के लिए विशेष वित्तीय सहायता
सीएम स्टालिन ने कहा कि यदि डीएमके फिर से सत्ता में आती है, तो महिलाओं को मिलने वाली मासिक सहायता 1,000 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये कर दी जाएगी। इसके अलावा, गर्मियों के खर्चों के लिए अलग से 2,000 रुपये और दिए जाएंगे। कुल मिलाकर हर महिला के खाते में 5,000 रुपये एकमुश्त भेजे जाएंगे। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘एक्स’ पर जारी वीडियो संदेश में महिलाओं से अपील की कि इस राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई, दवाइयों और घरेलू जरूरी खर्चों के लिए करें।
विपक्षी पार्टियों ने साधा निशाना
मुख्य विपक्षी AIADMK के नेता एडापल्ली पलानीस्वामी ने इस ऐलान को मतदाताओं को प्रभावित करने का तरीका बताया। वहीं अभिनेता विजय ने इसे हार के डर से किया गया राजनीतिक दांव करार दिया।
देश के अन्य राज्यों में सफल रहा महिला-कल्याण दांव
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, महिलाओं को सीधे वित्तीय सहायता देने की रणनीति देश के कई राज्यों में चुनावी सफलता दिला चुकी है।
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झारखंड: जेएमएम की वापसी के लिए मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना
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महाराष्ट्र: माझी लाड़की बहीण योजना
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बिहार: मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 10,000 रुपये
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मध्य प्रदेश: लाडली बहन योजना
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पश्चिम बंगाल: लक्ष्मी भंडार स्कीम में 500 रुपये वृद्धि और बेरोजगारी भत्ता
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की योजनाओं ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ ही राजनीतिक जीत में भी अहम भूमिका निभाई है।
इस बार भी स्टालिन की यह घोषणा महिला वोटरों पर असर डाल सकती है, जो विधानसभा चुनावों के नतीजों में निर्णायक साबित हो सकती है।
