
नई दिल्ली।
भारत और स्पेन के बीच मजबूत होती रणनीतिक साझेदारी ने रक्षा क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि की ओर कदम बढ़ा दिया है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बुधवार को स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बेरेस के साथ द्विपक्षीय वार्ता के दौरान बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि भारत में निर्मित पहला C-295 सैन्य परिवहन विमान सितंबर से पहले वडोदरा स्थित फैक्ट्री से बाहर आ जाएगा।
यह विमान एयरबस–टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) की संयुक्त असेंबली लाइन के तहत तैयार किया जा रहा है और इसे भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता (आत्मनिर्भर भारत) की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
वडोदरा बना रक्षा निर्माण का नया केंद्र
वडोदरा में स्थित टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड का यह प्लांट भारत का पहला निजी क्षेत्र का सैन्य विमान निर्माण कारखाना है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर 2024 में किया था। इसी प्लांट में भारतीय वायु सेना के पुराने हो चुके एवरो-748 विमानों के स्थान पर 56 C-295 विमानों का निर्माण किया जा रहा है।
डॉ. जयशंकर ने कहा कि यह परियोजना भारत और स्पेन के बीच रक्षा औद्योगिक साझेदारी की गहराती मजबूती को दर्शाती है और वैश्विक स्तर पर भारत की निर्माण क्षमता का प्रमाण है।
आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस का साझा संदेश
बैठक के दौरान दोनों देशों ने साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, बढ़ती आर्थिक भागीदारी और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर एकजुट होकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई। विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि दुनिया एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है और ऐसे समय में समान चुनौतियों से निपटने के लिए देशों का साथ आना बेहद जरूरी है।
C-295 डील: भारत की रक्षा क्षमता को मजबूती
भारत ने सितंबर 2021 में एयरबस डिफेंस एंड स्पेस के साथ करीब ₹21,935 करोड़ की ऐतिहासिक डील पर हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते के तहत—
- 16 विमान स्पेन से ‘फ्लाई-अवे’ स्थिति में भारत को दिए जाएंगे
- 40 विमान भारत में TASL द्वारा निर्मित किए जाएंगे
पहला ‘फ्लाई-अवे’ विमान 13 सितंबर 2023 को भारतीय वायु सेना को मिल चुका है।
भारत में बना पहला C-295 विमान 2026 में रोल-आउट होगा, जबकि शेष विमानों का निर्माण अगस्त 2031 तक पूरा किया जाएगा।
C-295 विमान की प्रमुख खूबियां
- 5 से 10 टन तक भार ढोने की क्षमता
- अधिकतम गति: 480 किमी/घंटा
- सैनिकों व सामान की त्वरित तैनाती के लिए रियर रैंप डोर
- कम दूरी के रनवे से उड़ान और लैंडिंग में सक्षम
- 7 मीटर लंबा केबिन, 71 सीटों की क्षमता
- आपदा राहत, सैन्य लॉजिस्टिक्स और त्वरित प्रतिक्रिया अभियानों में अत्यंत उपयोगी
आत्मनिर्भर भारत की उड़ान
वडोदरा से उड़ान भरने वाला C-295 केवल एक विमान नहीं, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा शक्ति, तकनीकी आत्मनिर्भरता और वैश्विक विश्वास का प्रतीक है। भारत-स्पेन की यह साझेदारी आने वाले वर्षों में रक्षा क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
