
नई दिल्ली:
भारतीय रसोई में सुबह के परांठे से लेकर शाम के समोसों तक, हर व्यंजन का आधार आटा ही होता है। लेकिन कभी-कभी रोटियां सख्त हो जाती हैं या समोसे की पपड़ी नरम रह जाती है। इसका मुख्य कारण है आटे और पानी के अनुपात में गड़बड़ी।
यूट्यूब चैनल भरत किचन के अनुसार, अगर आप 100 ग्राम आटे को आधार मान लें, तो हर डिश के लिए पानी का सही प्रतिशत अपनाना जरूरी है। यही “आटे का गणित” आपके व्यंजन को रेस्तरां जैसी परफेक्ट बनाता है।
समोसे और कचोरी के लिए – 30% पानी:
सख्त आटे की जरूरत वाले समोसे और कचोरी के लिए 100 ग्राम आटे में केवल 30 मिलीलीटर पानी मिलाएं। इससे आटा तलने के बाद खस्ता और कुरकुरी बनेगा।
पूड़ी के लिए – 50% पानी:
पूड़ी का आटा समोसे से थोड़ा नरम होना चाहिए। 100 ग्राम आटे में 50 मिलीलीटर पानी मिलाने से गूंथा हुआ आटा बेलने में आसान बनता है और तलते समय पूड़ियां अच्छी तरह फूलती हैं।
रोटी और परांठे के लिए – 60-70% पानी:
नरम और मखमली रोटी बनाने के लिए 100 ग्राम आटे में 60 से 70 मिलीलीटर पानी डालें। ज्यादा पानी से आटे का ग्लूटेन अच्छी तरह बनता है और रोटियां लंबे समय तक नरम रहती हैं।
बैटर (चीला, डोसा, पकोड़ा) – 100% पानी:
बैटर बनाने के लिए 1:1 का अनुपात अपनाएं। यानी 100 ग्राम आटे/बेसन में 100 मिलीलीटर पानी डालें। इससे फ्लोइंग कंसिस्टेंसी वाला बैटर तैयार होता है।
ध्यान रखें:
- पानी की मात्रा आटे के प्रकार पर भी निर्भर करती है। मोटा आटा ज्यादा पानी सोखता है, बारीक आटा कम।
- गूंथने के बाद आटे को 15-20 मिनट के लिए ढंककर रखें, ताकि पानी और आटा अच्छी तरह मिल जाए।
भरत किचन का यह सरल गणित हर भारतीय कुक के लिए सही अनुपात और बेहतरीन परिणाम सुनिश्चित करता है। अब हर रोटी, पूड़ी या समोसा हमेशा परफेक्ट बन सकता है।