
पटना: कथावाचक बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के हालिया तिरंगे में चांद वाले बयान ने बिहार में सियासी उठापटक को जन्म दे दिया है। इस बयान पर बिहार के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
पटना एयरपोर्ट पर पप्पू यादव का बयान
पटना एयरपोर्ट पर मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए पप्पू यादव ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को लेकर कहा, “कौन धीरेंद्र… अब ऐसे लोगों को कथावाचक बना रहे हो। वो सोय हैं क्या? वो आचार्य राममूर्ति हैं क्या? हमारे प्यारे प्रेमानंद बाबा जैसी इज्जत करो।” उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के लोग सनातन धर्म से जुड़े नहीं हैं और “भारत को कर्मवादी, कृष्णवादी, शिववादी, गुरु नानक के पथ पर, बुद्ध के पथ पर या अंबेडकरवादी बनने दो। भारत को ढोंगीवादी क्यों बना रहे हो?”
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बयान
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा था कि “जिस दिन तिरंगे में चांद आ गया, उस दिन हिंदू नहीं बचेगा।” इस बयान का उद्देश्य हिंदुओं को एकजुट करना बताया गया। महामंडलेश्वर विष्णु दास जी महाराज ने कहा कि उनका संदेश हिंदुओं के बीच एकता बढ़ाने का था, क्योंकि विभाजन और भाई-भाई के बीच दुश्मनी बढ़ रही है।
संत-महंतों का समर्थन
सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी के संत देवेशाचार्य महाराज ने इस बयान की सराहना की और कहा कि सभी हिंदुओं को संगठित होना चाहिए। साकेत भवन मंदिर के महंत सीताराम दास ने बांग्लादेश का उदाहरण देते हुए चेताया कि पड़ोसी मुल्कों में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा खतरे में है, इसलिए भारत में भी चेतना जरूरी है।
बिहार में सियासी असर
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बिहार के नौबतपुर के तरेत पाली मठ में कथावाचन भी कर चुके हैं और कई नेताओं से मुलाकात कर चुके हैं। पप्पू यादव के बयान के बाद इस मामले पर सियासी प्रतिक्रियाओं की संभावना बढ़ गई है।