
नई दिल्ली: शकरकंद सर्दियों की सबसे पसंदीदा और पौष्टिक सब्जी है। इसमें विटामिन A, विटामिन C, फाइबर, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। नियमित रूप से शकरकंद खाने से आंखों की रोशनी बेहतर होती है, इम्यून सिस्टम मजबूत होता है, पाचन ठीक रहता है, दिल की सेहत सुधरती है और ब्लड शुगर कंट्रोल में मदद मिलती है।
लेकिन विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि शकरकंद की बढ़ती मांग के चलते बाजार में मिलावटी और केमिकल वाला शकरकंद भी बिक रहा है। खाद्य सुरक्षा मानक संस्था FSSAI के मुताबिक, कुछ कारोबारी शकरकंद को और रंगीन दिखाने के लिए रोडामाइन बी नामक सिंथेटिक रंग का इस्तेमाल करते हैं। यह रंग कपड़ा, स्याही और लैब में प्रयोग किया जाता है, और खाने के लिए खतरनाक है। शोध बताते हैं कि रोडामाइन बी के सेवन से कैंसर और अंगों को नुकसान जैसे गंभीर स्वास्थ्य जोखिम हो सकते हैं।
शकरकंद में मिलावट की जांच घर पर ऐसे करें:
- एक रूई का फाहा लें और इसे पानी या वनस्पति तेल में भिगो दें।
- शकरकंद की बाहरी सतह को इस रूई से रगड़ें।
- अगर रूई का रंग लाल या बैंगनी हो जाए, तो समझ लें कि शकरकंद में मिलावट है।
- अगर रंग नहीं बदलता, तो शकरकंद शुद्ध है।
शुद्ध और ताजा शकरकंद के सेवन से शरीर को सभी पोषक तत्व मिलते हैं। इसे सलाद, उबालकर, चाट या सब्जी के रूप में खाया जा सकता है। इसके अलावा, शकरकंद से हेल्दी स्नैक्स और डिशेज जैसे एयर फ्रायर चिप्स, स्टफ्ड स्वीट पोटैटो, भुना हुआ शकरकंद आदि भी तैयार किए जा सकते हैं।
ध्यान दें: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी दवा या इलाज के विकल्प के रूप में न लें। स्वास्थ्य संबंधी सलाह के लिए हमेशा डॉक्टर से संपर्क करें।